कोरिया महाद्वीप में ब्रिटिश सैन्य उपस्थिति और उत्तरी कोरिया की प्रतिक्रिया
उत्तरी कोरिया ने कोरिया प्रायद्वीप में ब्रिटिश सेना की युद्ध पोत की तैनाती को युद्ध की कार्यवाही क़रार दिया है।
पियुंग यांग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोरिया प्रायद्वीप के आसपास के जलों में युद्धपोत की तैनाती, उत्तरी कोरिया के विरुद्ध युद्ध की कार्यवाही के समान है जिसने कोरिया प्रायद्वीप की शांति और स्थिरता को नुक़सान पहुंचा दिया है।
इस बयान में आया है कि ब्रिटेन को चाहिए कि वह कोरिया प्रायद्वीप के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाए अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान दे।
यूरोपीय संघ से निकलने के ब्रिटेन के फ़ैसले के बाद लंदन सरकार ने दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सैन्य उपस्थिति को मज़बूत करने का प्रयास किया ताकि अपनी तथाकथित शक्ति को वापस कर सके। यही कारण है कि हालिया क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परिवर्तनों में ब्रिटेन की भूमिका पहले से अधिक नज़र आती है।
सीरिया पर अमरीकी हमले में ब्रिटेन के शामिल होने से इस बात की पुष्टि भी होती है। बहरहाल कोरिया प्रायद्वीप में अशांति का मुख्य कारण अमरीका और उसके घटकों की भड़काऊ कार्यवाहियां हैं और ब्रिटेन ने अपने युद्धपोत को तैनात करके आग में घी का काम किया है। (AK)