मर्केल का दावा, परमाणु समझौता अधूरा है
जर्मन चांसलर एंगेेला मर्केल ने जो अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प से मुलाक़ात करने वाशिंग्टन की यात्रा करने वाली है, रविवार को ज़ायोनी शासन के टीवी चैनल 10 से बात करते हुए दावा किया कि परमाणु समझौता, पूर्ण समझौता नहीं है और एेसा समझौता न होना ही बेहतर है।
अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार जर्मन चांसलर एंगला मर्केल ने अमरीका और ज़ायोनी शासन को ख़ुश करने के लिए कहा कि ईरान द्वारा परमाणु समझौते पर अमल, जिसे उन्होंने क्षेत्र में ईरान की भूमिका और ईरान के मीज़ाइल कार्यक्रम की चिंता का नाम दिया, को दूर नहीं करेगा।
हालिया सप्ताह में जर्मनी और फ़्रांस, अमरीका को परमाणु समझौते में बाक़ी रखने के लिए तैयार करने के लक्ष्य के अंतर्गत, क्षेत्र में ईरान की भूमिका तथा तेहरान के मीज़ाइल कार्यक्रम के बहाने ईरान पर प्रतिबंध लगाने और तेहरान पर दबाव डालने के प्रयास में हैं।
ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने रविवार को अमरीकी सामाचारिक वेबसाइट अलमानिटर से इंटरव्यू में कहा था कि अमरीका के जेसीपीओए से निकलने की हालत में, तेहरान जिस विकल्प पर सबसे गंभीरता से अमल करेगा वह अपनी शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों को और अधिक विकसित स्तर पर दोबारा शुरु करने का विकल्प होगा।
उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि अमरीकी सरकार ने परमाणु समझौते जेसीपीओए से संबंधित अपने वचन पर अमल नहीं किया है, कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फ़ैसले लेता है। जवाद ज़रीफ़ ने अमरीका की ईरान को आर्थिक हितों की प्राप्ति से रोकने के लिए पिछले 15 महीनों से जारी गतिविधियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमरीका के जेसीपीओए से निकलने से ईरान की अर्थव्यवस्था पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा। (AK)