जेसीपीओए की रक्षा पर जर्मन विदेश मंत्री का बल
जर्मनी के विदेश मंत्री ने, जो संसार के सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह "ग्रुप सेवन" के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा गए हुए हैं, बल देकर कहा है कि इस समूह के सदस्य देश, जेसीपीओए को बाक़ी रखने के लिए एक समाधान की खोज में हैं।
हायको मास ने कहा कि जेसीपीओए या परमाणु समझौते के बिना मध्यपूर्व की स्थिति बहुत अधिक ख़तरनाक हो जाएगी इस लिए ग्रुप सेवन कनाडा में हो रही अपनी बैठक में संयुक्त रूप से ईरान के साथ हुए इस समझौते को बचाने के लिए कोई समाधान खोजने की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि जर्मनी की चांसलर एंगला मर्केल और फ़्रान्स के राष्ट्रपति एमानोएल मैक्रां इस हफ़्ते अपनी अमरीका यात्रा में इस देश के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प से अपील करेंगे कि अमरीका इस समझौते से बाहर न निकले क्योंकि यह क़दम बड़ी समस्याएं पैदा कर देगा।
हायको मास ने ग्रुप सेवन के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारा मानना है कि यह समझौता बहुत अहम है और अगर यह विफल होता है या अमरीका इससे निकलता है तो हमारे पास इस जैसी कोई दूसरी चीज़ नहीं है और हमें भय है कि स्थिति अत्यंत जटिल हो जाएगी। ज्ञात रहे कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने एेलान किया है कि अगर जेसीपीओए की कथित कमियों को नहीं सुधारा गया तो उनका देश 12 मई को इस समझौते से निकल जाएगा। (HN)