फ्रांस का भी अमरीका से उठा विश्वास
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फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा है कि अमरीका को अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों के प्रति कटिबद्ध रहना चाहिए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun ०८, २०१८ १५:३२ Asia/Kolkata
  • फ्रांस का भी अमरीका से उठा विश्वास

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा है कि अमरीका को अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों के प्रति कटिबद्ध रहना चाहिए।

फ़्रांस के राष्ट्रपति का कहना है कि एेसी स्थिति में कि जब ट्रम्प के एक पक्षीय रूप से परमाणु समझौते से निकल जाने के कारण यह अन्तर्राष्ट्रीय समझौता टूटता हुआ दिखाई दे रहा है, उत्तरी कोरिया के साथ अमरीका का संभावित समझौता भी संदिग्ध होता दिखाई दे रह है।  मैकरून ने कहा कि अमरीका के एकपक्षीय रूप से जेसीपीओए से निकलने तथा ईरान पर दबाव बढ़ाने के अच्छे परिणाम सामने नहीं आएंगे।

जब से ट्रम्प ने परमाणु समझौते से निकलने का एलान किया है तब से योरोपीय देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस समझौते में बने रहेंगे।  इस संबन्ध में यूरोपीय देशों और ईरानी अधिकारियों के बीच वार्ताएं हुई हैं।  तेहरान ने घोषणा कर दी है कि वह एेसी स्थिति में ही परमाणु समझौते में बाक़ी रहेगा कि जब यूरोप, ईरान के हितों की पूर्ति करेगा।  इससे पता चलता है कि परमाणु समझौते से एक पक्षीय रूप से निकल जाने के कारण अमरीका, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग होता दिखाई दे रहा है।  इस बारे में अमरीका के पूर्व सेना प्रमुख "मार्टिन डेमप्से" का कहना है कि परमाणु समझौते से निकलने के कारण अमरीका के अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी कम हो गए हैं।

परमाणु समझौते से एक पक्षीय रूप में निकलने से पहले ट्रम्प, पैरिस जलवायु परिवर्तन समझौते जैसे अन्तर्राष्ट्रीय समझौते से भी निकल चुके हैं।  उधर अमरीकी राष्ट्रपति ने हालिया दिनों में एल्मोनियम पर टेक्स बढ़ाकर नया व्यापारिक युद्ध आरंभ कर दिया है।  डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन के कारण उनकी विश्वसनीयता कम होती जा रही है और विश्व स्तर पर उसके घटकों की संख्या भी घटती जा रही है।  ट्रम्प द्वारा एकपक्षीय रूप से अन्तर्राष्ट्रीय समझौते से निकलने के कारण अमरीकी अधिकारियों के यह दावे भी निराधारा होते दिखाई दे रहे हैं कि वे अन्तराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करते हैं।  वास्तविकता यह है कि ट्रम्प के इस व्यवहार के कारण अमरीका के नज़दीकी घटक भी उससे दूर होते जा रहे हैं।  एेसे में अमरीकियों की इस बात का क्या महत्व होगा कि कोरिया प्रायद्वीप के संकट का समाधान करने के उद्देश्य से वाशिग्टन, उत्तरी कोरिया से वार्ता करने जा रहा है?

संभवतः यही कारण है कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा है कि अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों का हनने करने की स्थिति में अमरीका, किस मुंह से उत्तरी कोरिया के साथ समझौता कर सकता है?