युद्धरत पक्ष विदेशियों का हथकंडा न बनें" हामिद करज़ई
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अफ़ग़ानिस्तान में ईदे फित्र की छुट्टियों के अवसर पर तालेबान गुट के साथ संघर्ष विराम से शांति स्थापना की आशा में वृद्धि हो गयी थी
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul ०१, २०१८ ०९:१० Asia/Kolkata
  • युद्धरत पक्ष विदेशियों का हथकंडा न बनें

अफ़ग़ानिस्तान में ईदे फित्र की छुट्टियों के अवसर पर तालेबान गुट के साथ संघर्ष विराम से शांति स्थापना की आशा में वृद्धि हो गयी थी

अफ़गानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने युद्धरत पक्षों का आह्वान किया है कि वे विदेशियों का हथकंडा न बनें।

अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस देश की सरकार और तालेबान के बीच युद्ध विराम की समाप्ति की प्रतिक्रिया में दोनों पक्षों के मध्य युद्ध को विदेशियों का हथकंडा बताया।

समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार हामिद करज़ई ने अफ़ग़ान सरकार और तालेबान के बीच दोबारा लड़ाई आरंभ होने पर चिंता जताई और कहा कि फूट डालना, एक दूसरे की हत्या और अफगानिस्तान में युद्ध का जारी रहना वे चीज़ें हैं जिसे विदेशियों ने थोपा है ताकि युद्ध और अफगानिस्तान में अशांति के बीच वे अपने लक्ष्यों को साध सकें।

तालेबान गुट द्वारा ग़ज़्नी प्रांत पर हमले की धमकी के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ ग़नी ने इस गुट से सरकार के एक पक्षीय युद्ध विराम की समाप्ति की सूचना दी और फिर से इस गुट के विरुद्ध कार्यवाही आरंभ करने की सूचना दी।

ज्ञात रहे कि अफ़ग़ानिस्तान में ईदे फित्र की छुट्टियों के अवसर पर तालेबान गुट के साथ संघर्ष विराम से शांति स्थापना की आशा में वृद्धि हो गयी थी। MM