अमेरिकी नीति का आधार ज़ोरज़बरदस्ती है؛ रिवोन्ग
https://parstoday.ir/hi/news/world-i66041-अमेरिकी_नीति_का_आधार_ज़ोरज़बरदस्ती_है_रिवोन्ग
स्टीफेन पाइफर का मानना है कि सिंगापुर में अमेरिका और उत्तर कोरिया के नेताओं के मध्य होने वाली वार्ता उत्तर कोरिया के नेता के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता थी
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul ०८, २०१८ १३:४० Asia/Kolkata

स्टीफेन पाइफर का मानना है कि सिंगापुर में अमेरिका और उत्तर कोरिया के नेताओं के मध्य होने वाली वार्ता उत्तर कोरिया के नेता के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता थी

उत्तर कोरिया ने प्यूंगयांग में अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो के साथ वार्ता में वाशिंग्टन की नीतियों की आलोचना की है।

उत्तर कोरिया के विदेशमंत्री ने माइक पोम्पियो के प्यूंगयांग से चले जाने के बाद एक विज्ञप्ति जारी करके वार्ता करने की उनकी शैली को ग़ैर रचनात्मक बताया और वाशिंग्टन पर एकपक्षीय रूप से मांगे पेश करने का आरोप लगाया।

यद्यपि उत्तर कोरिया के विदेशमंत्रालय की ओर से जो विज्ञप्ति जारी की गयी उसमें अमेरिका की ओर से पेश की जाने वाली एक पक्षीय मांग की ओर संकेत नहीं किया गया परंतु उत्तर कोरिया सहित विभिन्न देशों के साथ अमेरिकी अधिकारियों की वार्ता के अनुभवों ने दर्शा दिया है कि अमेरिकी अधिकारी सदैव सामने वाले पक्ष पर अपनी मांगों व दृष्टिकोणों को थोपकर अपनी नीतियों व कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।

वर्ष 1996 और 2006 में अमेरिका ने उत्तर कोरिया के साथ जो समझौते किये थे उनकी विफलता का एक महत्वपूर्ण कारण यह विषय था।

राजनीतिक मामलों के एक विशेषज्ञ जी जाये रिवोन्ग कहते हैं कि अमेरिकी नीति का आधार ज़ोरज़बरदस्ती है और जब तक उत्तर कोरिया के संबंध में वाशिंग्टन अपनी नीति को परिवर्तित नहीं करता तब तक उत्तर कोरिया एक परमाणु सम्पन्न शक्ति बना रहेगा

जबकि एक अन्य राजनीतिक विशेषज्ञ स्टीफेन पाइफर का मानना है कि सिंगापुर में अमेरिका और उत्तर कोरिया के नेताओं के मध्य होने वाली वार्ता उत्तर कोरिया के नेता के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता थी क्योंकि वह अमेरिका से यह बात मनवाने में सफल रहे कि अमेरिका दक्षिण कोरिया में सैन्य अभ्यास न करे और यह अमेरिकी पक्ष और ट्रप के लिए अच्छा नहीं था और वे इस चीज़ को अपने हित में करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। MM