परमाणु समझौता यथावत बाक़ी हैः फ्रांस
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के संबंध में उत्तर कोरिया वाली शैली अपनाना चाहते हैं यानी शब्दों से हमला आरंभ करते हैं, कड़ाई करते हैं और उसके पश्चात वार्ता का प्रस्ताव देते हैं।
फ्रांस के विदेशमंत्री ने ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते के महत्व पर बल देते हुए कहा है कि इस समझौते से अमेरिका के निकल जाने के बावजूद यह समझौता यथावत बना हुआ है।
जीन- ई ली ड्रायन ने कहा कि परमाणु समझौता महत्वपूर्ण है क्योंकि वह क्षेत्र में तनावों को बढ़ने से रोकता है।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के संबंध में उत्तर कोरिया वाली शैली अपनाना चाहते हैं यानी शब्दों से हमला आरंभ करते हैं, कड़ाई करते हैं और उसके पश्चात वार्ता का प्रस्ताव देते हैं।
इससे पहले ट्रम्प ने दावा किया था कि किसी प्रकार की शर्त के बिना वह ईरानी अधिकारियों से वार्ता के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान के कुछ ही समय बाद अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने पैंतरा बदलते हुए ईरान से वार्ता को सशर्त कर दिया।
ज्ञात रहे कि अमेरिका द्वारा परमाणु समझौते से निकलने के बाद यह दसवीं बार है जब अमेरिका के राष्ट्रपति आम जनमत को धोखा देने के लिए परोक्ष व अपरोक्ष रूप से ईरान से वार्ता की इच्छा जता रहे हैं।
ईरान ने विदेशमंत्री ने भी मंगलवार को ट्वीट करके कहा था कि धमकी और प्रतिबंध का समय बीत चुका है और अमेरिका को चाहिये कि परमाणु समझौते से निकलने और वार्ता की मेज़ से हटने के कारण वह स्वयं को कोसे। MM