परमाणु समझौते की रक्षा के लिए गंभीर कार्यवाही की आवश्यकता
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7 अगस्त, ईरान के विरुद्ध अमरीका के परमाणु प्रतिबंधों के शुरु होते ही यूरोपीय संघ ने परस्पर कार्यवाही करते हुए परमाणु समझौते की सुरक्षा के लिए कार्यवाही शुरु कर दी।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Aug ०७, २०१८ १२:०० Asia/Kolkata

7 अगस्त, ईरान के विरुद्ध अमरीका के परमाणु प्रतिबंधों के शुरु होते ही यूरोपीय संघ ने परस्पर कार्यवाही करते हुए परमाणु समझौते की सुरक्षा के लिए कार्यवाही शुरु कर दी।

यूरोपीय आयोग ने अपने एक बयान में कहा कि सात अगस्त से परमाणु समझौते के समर्थन के लिए उन्नत ब्लाॅकिंग रेग्लेशन क़ाननू पर अमल शुरु हो जाएगा।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने 8 मई को परमाणु समझौते से निकलने की घोषणा करते हुए कहा कि परमाणु समझौते की वजह से ईरान से जो प्रतिबंध हटा लिए गये थे उन्हें दोबारा लागू कर दिया जाएगा।

 वाइट हाउस ने ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों का पहला चरण मंगलवार सात अगस्त से आरंभ किया है। इन धमकियों के बावजूद यूरोपीय संघ और तीन यूरोपीय देशों ने एलान कर रखा है कि अमरीकी प्रतिबंधों के लागू होने के साथ ही उन कंपनियों का समर्थन जारी रहेगा जो ईरान में सक्रिय हैं। 

इससे पहले ब्रसल्ज़ में यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी और जर्मन, फ़्रांस और ब्रिटेन के विदेशमंत्रियों की ओर से जारी किए जाने वाले संयुक्त बयान में ईरान के विरुद्ध अमरीकी प्रतिबंधों पर खेद प्रकट किया गया है।

कारनगी अध्ययन केन्द्र के शोधकर्ता रिचर्ड सोकोलेस्क का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की परमाणु समझौते से निकलने और क्षेत्र में ईरान से मुक़ाबले की कार्यवाही के पीछे निर्धारित रणनैतिक व यथार्थवादी लक्ष्य नहीं हैं। इसके मुक़ाबले में जर्मनी , फ़्रांस और ब्रिटेन सहित यूरोपीय संघ ने ईरान के विरुद्ध अमरीका के परमाणु प्रतिबंधों से मुक़ाबले द्वारा परमाणु समझौते की रक्षा पर बल दिया है। (AK)