अमेरिकी प्रतिबंध मॉस्को के विरुद्ध युद्ध की घोषणा हैः मेदवेदेव
रूसी सांसदों ने घोषणा की है कि अगर अमेरिका इस नये प्रतिबंध को लागू करेगा तो मास्को 180- आई आर राकेट इंजन के निर्यात के संबंध में जवाबी कार्यवाही करेगा।
रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मिदवेदेव ने इस देश के विरुद्ध अमेरिकी प्रतिबंधों में वृद्धि को मॉस्को के विरुद्ध युद्ध की घोषणा का नाम दिया है।
उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि इन प्रतिबंधों को लगाये जाने की स्थिति में मास्को प्रतिक्रिया दिखायेगा।
रूस के विरुद्ध अमेरिकी प्रतिबंध अक्तूबर से लागू होने वाले हैं। यह प्रतिबंध बैंकिंग और मुद्रा के क्षेत्र में हैं और उसने रूस की अर्थ व्यवस्था को लक्ष्य बनाया है और इस प्रतिबंध से अमेरिका रूस को पीछे हटने पर बाध्य कर देना चाहता है।
अमेरिकी रूस से इस बात का गैरेन्टी लेना चाहते हैं कि वह रासायनिक एवं जैविक हथियारों का प्रयोग नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को रूस अपनी रासायनिक एवं जैविक साइटों के निरीक्षण की अनुमति दे और यह एसी मांग है जिसके प्रति रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन कभी भी सहमति नहीं जतायेंगे।
रूसी सांसदों ने घोषणा की है कि अगर अमेरिका इस नये प्रतिबंध को लागू करेगा तो मास्को 180- आई आर राकेट इंजन के निर्यात के संबंध में जवाबी कार्यवाही करेगा।
रूस और अमेरिका के मध्य राजनीतिक तनावों में वृद्धि कूटनैतिक संबंधों में कमी का कारण बनेगी और रूस जवाबी कार्यवाही करेगा और यह वह कार्यवाही होगी जिसके बारे में बात करने को क्रेमलिन हाउस के प्रवक्ता अभी समय से पूर्व की बात कह रहे हैं।
पहले यह होता था कि अमेरिका एक- एक देश से टकराता था पर अब उसने सबसे टकराव की नीति अपना रखी है। इस समय अमेरिका की अपने सबसे निकट घटक कनाडा और यूरोपीय संघ से भी ठन गयी है।
इस आधार पर यह देशों के लिए एक अच्छा अवसर है कि वे अमेरिका के मुकाबले में एक आर्थिक मोर्चे का गठन करें ताकि अमेरिका की एकपक्षीय कार्यवाही से सुरक्षित रहें और डालर पर अपनी निर्भरता को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दें। क्योंकि अमेरिका ने सिद्ध कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समझौतों के प्रति वचनबद्ध नहीं रहता है और इस बात की संभावना है कि वह कुछ भी कर सकता है।
प्रतीत यह है कि अमेरिका ने रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का जो फैसला किया है वह उतावलेपन में लिया गया राजनीतिक फैसला है और उसके परिणामों को दृष्टि में नहीं रखा गया है।
अमेरिका ने रूस के खिलाफ जो प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है उससे यूरोपीय संघ की कंपनियों के अलावा अमेरिकी उद्योग पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। दूसरे शब्दों में इस प्रतिबंध के दुष्प्रभावों से कोई भी पक्ष सुरक्षित नहीं रहेगा। MM