चीन ने बनाया दुनिया का सबसे लंबा पुल
चीन ने समुद्र पर 55 किलोमीटर लंबे पुल का उद्घाटन किया है।
चीन ने हांगकांग को मकाऊ और झुहेई शहरों से जोड़ने वाले, समुद्र पर बने दुनिया के सबसे लंबे पुल को मंगलवार को आधिकारिक रूप से खोल दिया। समुद्र पर बना यह पुल 55 किलोमीटर लंबा है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि पर्ल नदी के मुहाने पर लिंगदिंगयांग जल क्षेत्र में बना यह पुल समुद्र पर बना दुनिया का सबसे लंबा पुल है। 20 अरब डॉलर में बनने वाले 55 किलोमीटर लंबे पुल की परियोजना पर सन 2009 में काम शुरू हुआ था। दुनिया के इस सबसे लंबे पुल का काम 31 दिसंबर 2017 को पूरा हुआ था।
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन के दक्षिणी ग्वांगदोंग प्रांत में झुहेई में आयोजित एक विशेष समारोह में 20 अरब डॉलर की लागत से बने पुल का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में हांगकांग और मकाऊ के नेताओं समेत करीब 700 मेहमान शामिल हुए। हांगकांग स्थित साऊथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक खबर के मुताबिक, शी ने एक वाक्य बोलकर इस पुल का उद्घाटन किया।
विश्व के सबसे लंबे पुल को सामान्य यातायात के लिए बुधवार 24 अक्तूबर से खोला जाएगा। इस पुल के निर्माण से हांगकांग और झुहेई के बीच यात्रा करने में लगने वाला तीन घंटे का समय घटकर मात्र 30 मिनट ही रह जाएगा। चीन के उप प्रधानमंत्री हान झेंग ने कहा कि यह पुल हांगकांग तथा चीन के मुख्य भूभाग को आर्थिक तथा व्यापार गतिविधियों के लिहाज से और करीब लाएगा। इस पुल से हांगकांग और मकाऊ को चीन के मुख्य भूभाग से जोड़ने में मदद मिलेगी।
चीन के शहर जुहाई को हांगकांग और मकाऊ से जोड़ने वाला विश्व का सबसे लंबा समुद्री पुल 24 अक्टूबर को सड़क यातायात को खोल दिया जाएगा। 55 किलोमीटर लंबा यह पुल पर्ल रिवर एस्चुरी के लिंगदिंग्यांग जल क्षेत्र में स्थित है। 20 अरब डॉलर में बनने वाले 55 किलोमीटर लंबे पुल की परियोजना पर सन 2009 में काम शुरू हुआ था। दुनिया का यह सबसे लंबा पुल का काम 31 दिसंबर 2017 को पूरा हुआ था। दुनिया के इस सबसे लंबे पुल पर पैदल सवार नहीं चल सकेंगे। वहीं चीन से जाने वाले वाहनों को हांगकांग में घुसने से पहले रोड में अपनी साइड बदलनी होगी क्योंकि हांग कांग में ट्रैफिक, बाईं तरफ चलता है। इसमें पानी के नीचे 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण भी किया गया है जो दो कृत्रिम द्वीपों को जोड़ती है।