बच्चों के लिए बेहतरीन खिलौना कौन सा?
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खिलौने के डिब्बे पर तेज़ी से एक हाथ फेरने की देर होती है कि खिलौनों का एक सैलाब अपने रास्ते में मौजूद हर चीज़ को साथ बहाते हुए ले आता है और मां की साफ़ और बिना धब्बे के फ़र्श देखने की इच्छा और घंटों की मेहनत तबाह हो जाती है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct २७, २०१८ १२:३८ Asia/Kolkata
  • बच्चों के लिए बेहतरीन खिलौना कौन सा?

खिलौने के डिब्बे पर तेज़ी से एक हाथ फेरने की देर होती है कि खिलौनों का एक सैलाब अपने रास्ते में मौजूद हर चीज़ को साथ बहाते हुए ले आता है और मां की साफ़ और बिना धब्बे के फ़र्श देखने की इच्छा और घंटों की मेहनत तबाह हो जाती है।

प्रशिक्षण का संक्षेप यह है कि एक ही काम और एक ही बात आप तब तक दोहराते रहें जब तक कि आपका बच्चा 15 साल का नहीं हो जाता जिसके बाद आप फिर वही रटे रटाए सवाल दोहराएं कि मैंने कितनी बार आपसे कहा कि जूते दरवाज़े पर नहीं छोड़ने चाहिए?

आरंभिक पांच वर्षों तक तो बार बार दोहराए जाने वाले कामों में ज़हरीले पौधे खाने की इच्छा को कड़ाई से न कहना और सादा से कामों के बारे में बार बार निर्देश देना, उदाहरण स्वरूप खिलौनों को हर घंटे बाद टोकरी में क़ायदे से रखना शामिल है। यह अंतिम काम तो छलनी में पानी एकत्रिकत करने जैसा है, जैसा कि ऐसे सजे हुए डिब्बे का काम जिसे उस खिलौने की तलाश में उलट दिया जाए जो इस डिब्बे में कभी था ही नहीं?

इन गर्मियों के आरंभ में खिलौने के प्रसिद्ध अमरीकी स्टोर "ट्वाएज़ आर अस" (Toys R Us) ने दिवालिएपन की अपील दायर की और जहां विशेषज्ञ इसके बंद होने के पीछे कई कारण पेश कर रहे हैं जिनमें क़र्ज़ा अदा करने में उनकी विफलता, अमाज़ोन की प्रतिस्पर्धी क़ीमतें और यहां तक कि जेफ़री ज़िर्राफ़ की फीकी हस्ती भी शामिल है। मेरे निकट इसका कारण इन परेशान हाल और लाचार माओं की दुआएं हैं जो कि "बहुत ही महत्वपूर्ण" खिलौनों पर अपनी नन्हीं पूंजी लगा भी देती हैं जो कुछ समय में अन्य भुला दिए गये "बहुत ही महत्वपूर्ण" खिलौनों के साथ मिल जाते हैं। ख़रीदने वालों को यह देखकर जितनी तकलीफ़ होती है उस से अधिक शायद किसी बात पर नहीं।

खिलौने ख़रीदना आसान लग सकता है किन्तु यह होता नहीं, विशेषकर यह किसी और के बच्चे के लिए करना हो, हम जैसे "आम इन्सानों के लिए यह मानसिक शांति और बौद्धिक तबाही के बीच एक रणनैतिक चयन होता है क्योंकि एक ऊंची आवाज़, घूमने वाला चीनी खिलौना अपनी डिस्को लाइट्स से आपके सिर में दर्द कर देता है और वैसे तो मैं खिलौनों के तैयार करने वालों का आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि वह खिलौनों के डिब्डों पर उचित उम्र और निर्देश लिख देते हैं किन्तु इन से मैं यह भी अपील व्यक्त करूंगा कि वह निम्न चीज़े भी डिब्बे पर लिख देः

क्या खिलौना जोड़े के लिए किसी बड़े की आवश्यकता है और विशेषकर बहुत ही धैर्यवान बड़े की?

इस खिलौने को समेटने में कितनी देर लगती है?

इस पर ध्यान दें कि अगले पांच साल इसी खिलौने को समेटते हुए गुज़ारने होंगे।

सोचें कि यदि आप के बच्चे ने इस से हथियार का कम ले लिया तो यह कितना विध्वंसक सिद्ध हो सकता है, क्या इस में किसी की आंख फ़ोड़ देने की या कोई नाज़ुक चीज़ तोड़ देने की क्षमता पाई जाती है?

क्या यह उछाल कर फेंका जा सकता है?

बटन दबाएं, क्या यह ऊंची आवाज़ है?

क्या इसकी आवाज़ मनोरम है?

अब इसे 10 बार और चलाएं और देखें कि क्या यह अब भी मनोरम लग रहा है।

क्या यह बैट्री इस तरह पीता है जिस तरह कि ड्रायकूला ख़ून पीते हैं? क्योंकि आपके महीने के ख़र्चे में बैट्रियों की भी वृद्धि हो जाएगी।

क्या बैट्री का का ख़ाना किसी औज़ार से खोला जा सकता है या जब भजी दूसरी बैट्री डालनी होगी तो आपको एमरजेंसी में स्क्रू ड्राइवर खोजना पड़ेगा।

और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या यह किसी दस्ते कार्ड बोर्ड के डिब्बे में आता है? क्योंकि आख़िरकार आपका बच्चा 60 डॉलर के खिलौने से शायद 15 मिनट खेल ले अगर आप भाग्यशाली हैं किन्तु घंटों तक इस सस्ते कार्ड बोर्ड से ख़ुद को ख़ुश रख सकता है।

जी हां, ख़ाली डिब्बा और रैपिंग का काग़ज़ , यही उनका सबसे बेहतरीन खिलौना होता है। (AK)