अमेरिकी विदेशमंत्री ने फिर ईरान विरोधी राग अलापा
अमेरिका ने कहा था कि वह ईरानी तेल के निर्यात को शून्य तक पहुंचा देगा परंतु अभी हाल ही में अमेरिकी वित्तमंत्रालय ने पैंतरा बदलते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान से तेल ख़रीदने वाले देशों को माफ भी करेगा।
अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने ईरान के खिलाफ अपने घिसे -पीटे दावों की पुनरावृत्ति करते हुए कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका के लिए ख़तरा था।
माइक पोम्पियो ने गुरूवार को फाक्स न्यूज़ चैनल के साथ साक्षात्कार में परमाणु समझौते के खिलाफ दावे में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को अमेरिका के लिए ख़तरा बताया और परमाणु समझौते से एक पक्षीय रूप से निकलने पर आधारित अमेरिकी कदम को सही ठहराया।
माइक पोम्पियो ऐसी स्थिति में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अमेरिका के लिए ख़तरा बता रहे हैं जब परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी ने बारमबारी अपनी रिपोर्टों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि की है।
अमेरिकी विदेशमंत्री ने इसी प्रकार दावा किया कि वाशिंग्टन चार नवंबर से ईरान से निर्यात होने वाले तेल को कम कर देगा और अमेरिकी वित्तमंत्रालय ईरान की वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ प्रतिबंध लगा देगा।
ज्ञात रहे कि ईरानी तेल के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध चार नवंबर से लागू होगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने कहा था कि वह ईरानी तेल के निर्यात को शून्य तक पहुंचा देगा परंतु अभी हाल ही में अमेरिकी वित्तमंत्रालय ने पैंतरा बदलते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान से तेल ख़रीदने वाले देशों को माफ भी करेगा।
जानकार हल्कों का कहना है कि जब बहुत से देशों ने साफ साफ कह दिया कि वे सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अलावा किसी भी देश के प्रस्ताव का पालन नहीं करेंगे और अमेरिका ने अपनी नाक रखने के लिए यह कह दिया कि वह ईरान से तेल ख़रीदने वाले देशों को माफी को भी नज़र में रखेगा।
अमेरिकी प्रतिबंधों और धमकियों के बावजू वाइट हाउस के पश्चिमी व यूरोपीय घटक भी ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को जारी रखने के इच्छुक हैं और इसी तरह ईरानी तेल के मुख्य खरीदार चीन और भारत हैं और इन देशों ने कहा है कि ईरान से तेल की ख़रीदारी जारी रहेगी। MM