उम्मीद है कि ईरान वार्ता की मेज़ पर लौटेगाः अमरीकी अधिकारी
अमरीकी विदेशमंत्रालय में ईरान एक्शन ग्रुप के प्रमुख ब्रायन हुक ने दावा किया है कि वाशिंग्टन ईरान पर प्रतिबंध लगाकर ईरानी व्यवस्था को परिवर्तित करने का प्रयास नहीं कर रहा है बल्कि वह चाहता है कि ईरान का बर्ताव बदले और तेहरान वार्ता की मेज़ पर आ जाए।
ईरान एक्शन ग्रुप के प्रमुख ब्राएन हुक ने शुक्रवार को जर्मन समाचार एजेन्सी डोएचे वेले से बात करते हुए ईरान के विरुद्ध अमरीकी प्रतिबंधों पर वाशिंग्टन का दृष्टिकोण रखा और दावा किया कि वाशिंग्टन ईरान की व्यवस्था बदलना नहीं चाहता।
ब्राएन हुक ने इस सवाल के जवाब में कि ईरान के लगे प्रतिबंध आपकी नज़र में कितने प्रभावी होंगे? दावा किया कि अमरीका को उम्मीद है कि इस दबाव के चलते ईरान वार्ता की मेज़ पर आने पर विवश हो जाएगा।
ईरान एक्शन ग्रुप 16 अगस्त 2018 को गठित हुआ था और जैसा कि अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने दावा किया था कि ईरान के बारे में समस्त कार्यवाहियों की समीक्षा विदेशमंत्रालय में होगी और वह स्वयं इन मामलों पर नज़र रखेंगे।
ज्ञात रहे कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरान पर प्रतिबंध लगाया है। अमरीकी सरकार इस कोशिश में है कि ईरान पर भारी आर्थिक दबाव डालकर अपनी ग़ैर क़ानूनी मांगे मनवाए लेकिन इस्लामी गणतंत्र ईरान शुरू से ही कहता आ रहा है कि किसी भी अनुचित मांग को कदापि स्वीकार नहीं करेगा।
ख़ुद अमरीका के भीतर ट्रम्प प्रशासन पर यह आपत्ति जताई जा रही है कि उसने ईरान के बारे में जो नीति अपनाई उसके चलते अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईरान के बजाए ख़ुद अमरीका अलग थलग पड़ गया है। हालात एसे हैं कि दुनिया के अधिकतर देश ईरान पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का पालन करने से इंकार कर रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन पर यह आरोप भी है कि उसने ईरान ही नहीं, अपने घटक देशों के संबंध में भी इस प्रकार की नीति अपनाई है कि अब अमरीका के पारम्परिक घटक देश भी अमरीका पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं। (AK)