बिना शर्त के अफ़ग़ानिस्तान की सरकार के साथ वार्ता असंभवः तालेबान
तालेबान का कहना है कि वे बिना शर्त के अफ़ग़ानिस्तान की सरकार के साथ वार्ता नहीं कर सकते।
तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान की उच्च शांति परिषद के प्रस्ताव को रद्द करते हुए कहा है कि वे बिना शर्त के अफ़ग़ानिस्तान की सरकार के साथ वार्ता नहीं कर सकते।
तालेबान ने रूस की राजधानी माॅस्को में आयोजित शांति वार्ता में कहा है कि जबतक अफ़ग़ानिस्तान से विदेशी सैनिक वापस नहीं चले जाते उस समय तक काबुल सरकार के साथ वार्ता का प्रश्न ही नहीं उठता। तालेबान का कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान से समस्त विदेशी सैनिकों की पूर्ण रूप में वापसी के बाद अशरफ़ ग़नी की सरकार के साथ वार्ता की संभावना पाई जाती है।
मास्को वार्ता में तालेबान ने अपनी कुछ अन्य शर्तों का भी उल्लेख किया। तालेबान के अनुसार उनके नेताओं का नाम प्रतिबंधित अन्तर्राष्ट्रीय सूचि से निकाला जाए, तालेबान बंदियों को स्वतंत्र किया जाए और क़तर की राजधानी दोहा में स्थित तालेबान के कार्यालय को मान्यता दी जाए।
ज्ञात रहे कि शुक्रवार को रूस की मेज़बानी में माॅस्को में जो शांति बैठक आयोजित हुई उसमें कुछ देशों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त तालेबान के दोहा कार्यालय से एक प्रतिनिधिमण्डल भी इस बैठक में भाग लेने पहुंचा था।