ख़ाशुक़जी मामले में ट्रम्प की ढिठाई और ज़रीफ़ की रोचक प्रतिक्रिया
अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर सऊदी युवराज, ख़ाशुक़जी की हत्या से अवगत थे तब भी सऊदी अरब, अमरीका का घटक बना रहेगा।
डोनल्ड ट्रम्प ने एक बयान जारी करके सऊदी अरब के सरकार विरोधी पत्रकार की हत्या के भयानक अपराध में आले सऊद शासन की भूमिका के बारे में कहा है कि सऊदी अरब के युवराज इस त्रासदीपूर्ण घटना से अच्छी तरह अवगत हो सकते थे, शायद वे अवगत थे या शायद अवगत नहीं थे। अमरीका की केंद्रीय गुप्तचर एजेंसी सीआईए ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में इस बात की घोषणा की है कि जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश मुहम्मद बिन सलमान ने दिया है। ट्रम्प ने इस बारे में कहा कि सीआईए की रिपोर्ट में 100% विश्वास से नहीं कहा गया है कि बिन सलमान ने ही ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश दिया था।
ट्रम्प ने सऊदी अरब के साथ सभी समझौते विशेष रूप से सामरिक समझौते रद्द किए जाने की संभावना के बारे में कहा कि उन्होंने पिछले साल सऊदी अरब की जो यात्रा की थी उसमें लम्बी चलने वाली वार्ता के बाद रियाज़ अमरीका में 450 अरब डाॅलर का पूंजी निवेश करने पर तैयार हुआ था जिसके कारण अमरीका में लाखों रोज़गार पैदा हुए और आश्चर्यजनक आर्थिक प्रगति हुई। अगर हम मूर्खतापूर्ण ढंग से इन समझौतों को रद्द कर दें तो रूस और चीन अत्यधिक फ़ायदा उठा लेंगे।
अमरीकी राष्ट्रपति ने इसी तरह अपने बयान में मध्यपूर्व में जारी झड़पों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार बताया और कहा कि ईरान, यमन में सऊदी अरब के ख़िलाफ़ छद्म युद्ध छेड़ने, इराक़ में प्रजातंत्र की स्थापना में रुकावट डालने, लेबनान में (उन्हीं के शब्दों में) आतंकी गुट हिज़्बुल्लाह का समर्थन करने, सीरिया में तानाशाह बश्शार असद का समर्थन बढ़ाने और कई अन्य बातों के लिए ज़िम्मेदार है। उन्होंने दावा किया कि ईरानियों ने मध्यपूर्व में बहुत से अमरीकी व अन्य देशों के निर्दोष नागरिकों की हत्या की है और ईरान खुल कर अमरीका व इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगाता है और वह संसार में आतंकवाद की सबसे बड़ी समर्थक सरकार है।
ज़रीफ़ की मज़ेदार प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने ट्रम्प के इस हास्यास्पद बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है कि मिस्टर ट्रम्प ने बड़े विचित्र अंदाज़ में सऊदियों के अपराधों के बारे में अपना शर्मनाक बयान ईरान पर विभिन्न प्रकार के आरोप लगा कर शुरू किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कैलीफ़ोर्निया में लगी भीषण आग की तरफ़ इशारा करते हुए कहा है कि शायद कैलीफ़ोर्निया के आग के लिए भी उत्तरदायी हों क्योंकि हमने जंगलों में रेत डालने में मदद नहीं की है जो काम फ़िनलैंड वाले करते हैं।
ज़रीफ़ का इशारा पिछले हफ़्ते कैलीफ़ोर्निया की आग के बारे में अमरीका व फ़िनलैंड के राष्ट्राध्यक्षों के बयानों की ओर है। ट्रम्प ने कहा था कि फ़िनलैंड के राष्ट्रपति ने उनसे कहा है कि हमारे देश में इस प्रकार की आग नहीं लगती क्योंकि हम जंगलों में निरंतर रेत डालते रहते हैं। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्ति करते हुए फ़िनलैंड के राष्ट्रपति ने कहा था कि उन्हें याद नहीं पड़ता कि उन्होंने ट्रम्प से इस प्रकार का वाक्य कहा हो बल्कि उन्होंने कहा था कि फ़िनलैंड लगातार अपने जंगलों की देखभाल करता है। (HN)