अमरीका की एकपक्षीय नीतियों पर चीन की कड़ी चेतावनी
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने जी-20 शिखर बैठक में अमरीका के एकपक्षीय रवैए के संबंध में चेतावनी दी है। गाओ फ़िंग ने कहा कि बीजिंग चाहता है कि प्रगतिशील देशों को भूमंडलीकरण की उपलब्धियों से अधिक लाभ उठाने का अवसर दे।
जी-20 संगठन की स्थापना वर्ष 1999 में हुई जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रमों के क्रियन्वयन में सहयोग करना था। इस संगठन में शामिल देशों के पास दुनिया की 85 प्रतिशत जीडीपी और दो तिहाई आबादी है। संगठन की शिखर बैठक शुक्रवार से अर्जेंटीना की राजधानी बोयनस आयरस में शुरु हुई हैं। इससे पहले पापुआ न्यू गीनिया में होने वाला शिखर सम्मेलन अमरीका की मनमानी के कारण नाकाम हो गया था। चीन ने अर्जेंटीना में होने वाली शिखर की बैठक में भी अमरीका के उसी पुराने रवैए को लेकर चेतावनी दी है।
अमरीका चीन पर आरोप लगाता है कि वह लक्ष्यबद्ध निवेश करके विभिन्न देशों की अर्थ व्यवस्थाओं को नष्ट कर रहा है जबकि चीन का आरोप है कि अमरीका अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को तबाह कर रहा है।
इस समय जी-20 के शिखर सम्मेलन के हालात को देखते हुए अमरीका को यह लगता है कि चीन मैदान मार ले जाएगा इसीलिए यह आशंका जताई जा रही है कि अमरीका इस शिखर सम्मेलन को नाकाम बनाने वाला कोई क़दम उठा सकता है। इसीलिए चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमरीका को चेतावनी देते हुए कहा है कि बैठक में शामिल होने वाले देश खुली अंतर्राष्ट्रीय अर्थ व्यवस्था की स्थापना की कोशिशों में सभी देश मदद करें और टिकाऊ अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विकास में सहयोग करें।