प्रदर्शनकारियों के सामने फ़्रांसीसी राष्ट्रपति पूरी तरह बैकफ़ुट पर
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फ़्रांस में हिंसक प्रदर्शनों का क्रम जारी रहने के कारण राष्ट्रपति इमैनुएल मकक्रां को अपने स्टैंड से पीछे हटना पड़ा है और उन्होंने कहा कि आर्थिक व सामाजिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल ठोस क़दम उठाएंगे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ११, २०१८ १४:४७ Asia/Kolkata

फ़्रांस में हिंसक प्रदर्शनों का क्रम जारी रहने के कारण राष्ट्रपति इमैनुएल मकक्रां को अपने स्टैंड से पीछे हटना पड़ा है और उन्होंने कहा कि आर्थिक व सामाजिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल ठोस क़दम उठाएंगे।

मैकक्रां ने कहा कि देश में शांति बहाल करने के लिए हर उपाय और साधन का प्रयोग किया जाएगा। कम आमदनी वाले मज़दूर वर्ग का टैक्स कम करने, रिटायर्ट लोगों पर टैक्स बढ़ाने की योजना समाप्त करने, निम्नतम आय में 100 यूरो की वृद्धि करने तथा ओवर टाइम पर टैक्स समाप्त करने जैसे क़दम उठाने का मैकक्रां ने वादा किया है।

गत 17 नवम्बर से प्रदर्शनकारियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर अपना विरोध शुरू कर दिया था। यह प्रदर्शन पीली जैकेट वालों के प्रदर्शन के नाम से दुनिया भर में मशहूर हो गया। पिछले हफ़्ते के प्रदर्शन बहुत व्यापक थे जिनका फ्रांस में हालिया दशकों में कोई उदाहरण नहीं मिलता। प्रदर्शनों की शुरुआत तो ईंधन की क़ीमत में वृद्धि के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हुई लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों ने सरकार की कई आर्थिक नीतियों को निशाना बनाया।

फ़्रांस कई साल से आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है जिनमें मुद्रा स्फीति की दर में वृद्धि, बेरोज़गारी में वृद्धि तथा आर्थिक विकास की दर में कमी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इन्हीं कठिनाइयों की वजह से मैकक्रां चुनाव जीते थे। मैकक्रां ने वर्ष 2017 में आर्थिक और सामाजिक सुधार की वादा किया था ताकि देश कठिनाइयों से बाहर निकले मगर मैकक्रां ने जो क़दम उठाए उनका कोई विशेष प्रभाव नज़र नहीं आया बल्कि फ़्रांसीसी नागरिकों विशेष रूप से कम आय वाले वर्ग की कठिनाइयां बढ़ गईं। अब हालात यह है कि मैकक्रां की आर्थिक नीतियों के साथ ही प्रदर्शनकारियों से निपटने के उनके कठोर रवैए पर भी कड़ी आपत्ति है।

मैकक्रां ने प्रदर्शनों पर शुरू में तो मौन धारण कर लिया और बाद में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि वह प्रदर्शनों और उपद्रव के अंतर को समझ रहे हैं। इस बीच प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के कठोर रवैए की ख़बरें आईं तो लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

इस समय मैकक्रां अपने स्टैंड से पीछे तो हट गए हैं लेकिन यह भी तय है कि आगे भी उनका सफ़र आसान नहीं होगा।