अमरीका, दुनिया में पत्रकारों का पांचवां सबसे बड़ा क़ब्रिस्तान
https://parstoday.ir/hi/news/world-i70898-अमरीका_दुनिया_में_पत्रकारों_का_पांचवां_सबसे_बड़ा_क़ब्रिस्तान
मीडिया वाॅच डाग की नई रिपोर्ट में रहस्योद्धाटन किया गया है कि राजनेताओं ने स्वयं पर होने वाली आलोचनाओं के परिणाम में घृणात्मक बयान दिए जिसके परिणाम में 2018 में मारे गये पत्रकारों की संख्याओं में असमान्य वृद्धि देखी गयी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec १८, २०१८ २०:२० Asia/Kolkata
  • अमरीका, दुनिया में पत्रकारों का पांचवां सबसे बड़ा क़ब्रिस्तान

मीडिया वाॅच डाग की नई रिपोर्ट में रहस्योद्धाटन किया गया है कि राजनेताओं ने स्वयं पर होने वाली आलोचनाओं के परिणाम में घृणात्मक बयान दिए जिसके परिणाम में 2018 में मारे गये पत्रकारों की संख्याओं में असमान्य वृद्धि देखी गयी।

मीडिया वाॅच डाग "रिपोर्टर विदाउट बार्डर" के आंकड़ों के अनुसार जारी वर्ष सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी सहित 80 पत्रकारों की हत्या की गयी और 348 को जेल की हवा खानी पड़ी जबकि 60 से अधिक को बंधक बनकार रखा गया।

इस संस्था के प्रमुख क्रिस्टोफ़र डेलिवर ने कहा कि पत्रकारों के विरुद्ध हिंसा इस स्तर तक पहुंच गयी है जो आज तक कभी नहीं देखी गयी और स्थिति बहुत चिंताजनक है।

रिपोर्टर विदाउट बार्डर ने अपनी रिपोर्ट में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का उल्लेख नहीं किया जो अधिकतर पत्रकारों को आलोचना का निशाना बनाते रहते हैं और कुछ पत्रकारों को देश का दुश्मन भी क़रार दे चुके हैं।

2018 में अमरीका भी पत्रकारों के लिए सबसे ख़तरनाक देशों की सूची में शामिल हो गया और इस सूची में उसका पांचवां नंबर है जहां जून में समाचार पत्र कैप्टिल गज़ेट के कार्यालय में फ़ायरिंग के परिणाम में पांच लोग मारे गये थे।

पत्रकारों के लिए सबसे ख़तरनाक देश अफ़ग़ानिस्तान रहा जहां फ़्रांसीसी समाचार एजेन्सी के शाह मरई सहित 15 पत्रकार मारे गये जबकि 11 और 9 पत्रकारों के मारे जाने के साथ सीरिया और मैक्सिको दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।

रिपोर्टर विदाउट बार्डर की रिपोर्ट में कहा गया है कि मारे गये पत्रकारों में से 50 प्रतिशत से अधिक को जानबूझकर मारा गया जबकि 31 पत्रकार विभिन्न हिंसक घटनाओं के दौरान पेशावराना ज़िम्मेदारियां अंजाम देते हुए अपनी जान की बाज़ी हार गये। (AK)