वेनेज़ोएला में मादुरो को हटाने में ख़्वान ग्वाइडो की नाकामी
वेनेज़ोएला में मादुरो को हटाने में ख़्वान ग्वाइडो अब तक नाकाम रहे हैं।
वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश की सेना की विशेष टुकड़ी के परेड व अभ्यास में इस बात पर बल देते हुए कि कोई भी कमज़ोर, कायर और ग़द्दार व्यक्ति का सम्मान नहीं करता, कहा कि सरकार को सेना का समर्थन हासिल है और सशस्त्र बल देश की रक्षा के लिए तय्यार हैं, इसलिए किसी के मन में इस देश की पवित्र मिट्टी पर अतिक्रमण का ख़्याल नहीं आना चाहिए।
मादुरो का यह बयान ऐसी स्थिति में सामने आया है कि वेनेज़ोएला में राजनैतिक संकट से इस देश के हालात जटिल हो गए हैं। वेनेज़ोएला में विपक्ष के नेता ख़्वान ग्वाइडो ने, जिन्होंने ख़ुद को इस देश का राष्ट्रपति घोषित कर रखा है, इस देश की सत्ता हथियाने की कोशिश तेज़ कर दी है। जनता से मादुरो के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान, कुछ सैन्य अधिकारियों से विचार विमर्श, मादुरो के लिए चुनौती खड़ी करने के लिए वेनेज़ोएला को मानवीय सहायता पहुंचाने की कोशिश और बाहरी देशों का समर्थन हासिल करना इस संबंध में ग्वाइडो द्वार उठाए गए कुछ क़दम हैं, लेकिन इन सबके बावजूद वह मादुरो की सरकार को गिराने में नाकाम रहे हैं। मादुरो को वेनेज़ोएला की जनता का समर्थन और सैन्य अधिकारियों का साथ, ग्वाइडो की नाकामी के मुख्य कारण हैं।
ऐसे हालात में लगता है कि मादुरो के विरोधियों के सामने दो रास्ते हैं। एक अपनी ग़ैर क़ानूनी मांग पर आग्रह और 2018 के राष्ट्रपति पद के चुनाव की अनदेखी करना कि ऐसी स्थिति में वेनेज़ोएला में राजनैतिक तनाव और आर्थिक समस्याएं अधिक बढ़ेंगी यहां तक जंग भी हो सकती है।
दूसरा रास्ता यह है कि विरोधी इस देश के राजनैतिक व ऐतिहासिक तथ्यों तथा इस देश की जनता की साम्राज्यवादी शक्तियों ख़ास तौर पर अमरीका से मदद से नफ़रत को समझते हुए, राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करें और अपनी मांग को मनवाने के लिए राष्ट्रीय बातचीत जैसा क़ानूनी रास्ता अपनाएं। (MAQ/T)