वेनेज़ुएला ने तोड़े कोलंबिया से राजनयिक रिश्ते
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति ने कोलंबिया के साथ राजनयिक संबन्ध तोड़ने की घोषणा कर दी है।
निकोलस मादूरो ने कहा है कि कोलंबिया के राजदूत को 24 घण्टों के भीतर देश छोड़कर चले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे यह फैसला कोलंबिया द्वारा अमरीका के साथ सहयोग करने के कारण ले रहे हैं। वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति माूदरो ने अपने देश की एकता और संप्रभुता की रक्षा पर बद देते हुए कहा कि अमरीका और उसके सहयोगी, मानवताप्रेमी सहायता की आड़ में वेरेज़ुएला की संप्रभुता को ख़तरे में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इस प्रकार की तथाकथित मानवताप्रेमी सहायता को देश के भीतर आने नहीं देंगे। माूदरो ने कहा कि यह सहायता अमरीकी अपराधों को छिपाने के लिए की जा रही है।
दूसरी ओर वेनेज़ुएला के स्वघोषित राष्ट्रपति ख्वाइन गवाइदो ने दावा किया है कि अमरीका की मानवताप्रेमी सहायता कोलंबिया और ब्राज़ील के मार्ग से वेनेज़ुएला पहुंची है। ज्ञात रहे अमरीका, वेनेज़ुएला के विपक्षी नेता का समर्थन करके वहां पर विद्रोह के प्रयास कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि संसार के बहुत से देश वेनेज़ुएला के वैध राष्ट्रपति निकोलस मादूरो का समर्थन करते हैं। न्यूयार्क में राष्ट्रसंघ मुख्यालय में वेनेज़ुएला के विदेशमंत्री की उपस्थिति में "अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के समर्थक गुट" ने वेनेज़ुएला के वैध राष्ट्रपति मादूरो के समर्थन की घोषणा की है। "अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के समर्थक गुट" में ईरान, रूस, चीन, सीरिया, दक्षिण अफ्रीका, अल्जीरिया, भारत, इन्डोनेशिया, आज़रबाइजान गणराज्य, उत्तरी कोरिया, क़ज़ाक़िस्तान और पाकिस्तान आदि देश शामिल हैं। इस गुट ने वेनेज़ुएला के आंतरिक मामलों में हर प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप का विरोध किया है। ईरान, रूस और चीन सहित कई देश वेनेज़ुएला के आंतरिक मामलों में अमरीका के हस्तक्षेप की निंदा कर चुके हैं।