पाकिस्तान ने लगाए कुछ आतंकवादी गुटों पर प्रतिबंध
पाकिस्तान ने अपने देश में आतंकवादी गुटों के विरुद्ध क़दम उठाते हुए कई गुटों को प्रतिबंधित घोषित किया है।
पाकिस्तान ने जिन आतंकवादी गुटों की सूचि जारी की है उनमें तकफ़ीरी गुट जुन्दुल्लाह का नाम भी शामिल है। पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी विभाग NACTA ने 68 प्रतिबंधित आतंकवादी गुटों की सूचि जारी की है। इन प्रतिबंधित आतंकवादी गुटों में जमाअतुद्दावा का नाम भी है जिसके बारे में भारत का कहना है कि उसके सदस्य इस देश की भूमि पर आतंकवादी कार्यवाहियां करते रहते हैं। यह कोई पहली बार नहीं है कि जब पाकिस्तान की सरकार ने इस देश में सक्रिय आतंकवादी गुटों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध कार्यवाही है। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है।
सन 2001 मे जब अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था तो वाशिग्टन ने पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर अमरीकी सेना के साथ सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी। अमरीका ने पाकिस्तान से मांग की थी कि वह आतंकवादी गुटों के साथ कड़ाई से निबटते हुए इस देश में मौजूद धार्मिक स्कूलों पर गहरी नज़र रखने की मांग की थी। परवेज़ मुशर्रफ़ ने लशकरे तैबा सहित कुछ आतंकवादी गुटों पर प्रतिबंध लगाकर एक प्रकार से अफ़ग़ानिस्तान युद्ध में अमरीका के साथ सहयोग किया था। बाद में सन 2006 में अमरीकी अधिकारियों विशेषकर तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने पाकिस्तान पर आतंकवाद के संदर्भ में दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पाकिस्तान के क़बाएली क्षेत्रों पर अमरीकी हमले आरंभ हुए थे। अमरीका का यह कहना था कि पाकिस्तान के क़बाएली क्षेत्र आतंकवादियों और चरमपंथियों के लिए शरणस्थल हैं और पाकिस्तान की सेना उनके साथ समन्वय करती है।
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान ईरान के ज़ाहेदान में सीमा सुरक्षाबलों पर आतंकी हमला और भारत नियंत्रित कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों के विरुद्ध की गई आतंकवादी कार्यवाही के कारण पाकिस्तान की सरकार पर राजनीतिक दबाव में तेज़ी आई है। ईरान तथा भारत की ओर से पाकिस्तान सरकार को चेतावनियों के कारण इस्लामाबाद सरकार ने आतंकवादी गुटों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है। अमरीका के राजनीतिक मामलों के टीकाकार कैथी गैनन, पाकिस्तान को आतंकवादियों का स्वर्ग मानते हैं। वे कहते हैं कि इन आतंकवादियों के साथ कड़ाई से निबटा जाए।