वेनेज़ोएला के प्राकृतिक स्रोतों पर किसकी ललचायी नज़र
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अमरीका वेनेज़ोएला के ख़िलाफ़ पाबंदियों के दायरे को फैलाने, इस देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ा कर उन्हें सत्ता से हटाने और तेल से मालामाल इस देश में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश में है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr २७, २०१९ १३:१२ Asia/Kolkata

अमरीका वेनेज़ोएला के ख़िलाफ़ पाबंदियों के दायरे को फैलाने, इस देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ा कर उन्हें सत्ता से हटाने और तेल से मालामाल इस देश में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश में है।

वेनेज़ोएला में राजनैतिक संकट को गहराए हुए एक साल से ज़्यादा का समय हो रहा है। वेनेज़ोएला के ख़िलाफ़ अमरीका की व्यापक पाबंदियों की वजह से अब तक इस देश की अर्थव्यवस्था को 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुक़सान हो चुका है और इस देश के लगभग 40 हज़ार नागरिकों की अमरीका की ग़ैर क़ानूनी पाबंदियों की वजह से मौत हुयी। यह ऐसी हालत में है कि वॉशिंग्टन वेनेज़ोएला के ख़िलाफ़ सैन्य हमले की धमकी दे रहा है।

वॉशिंग्टन ने ये कार्यवाहियां ऐसी हालत में की हैं कि वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को जनता का व्यापक समर्थन हासिल है और अमरीका की नाना प्रकार की पाबंदियों के हथकंडों के बावजूद वेनेज़ोएला प्रतिरोध कर रहा है।

दरअस्ल अमरीका वेनेज़ोएला में निःशुल्क शिक्षा, चिकित्सा और खाद्य पदार्थ के ख़िलाफ़ है जिसे वह बोलिवर की व्यवस्था कहता है।

यद्यपि वॉशिंग्टन धमकी और पाबंदी की बात करता है और उसने अपनी ताज़ा कार्यवाही में वेनेज़ोएला के विदेश मंत्री ख़ोर्ख़े आरीज़ा पर पाबंदी लगा दी है लेकिन ऐसा लगता है कि इस तरह की शैली का न सिर्फ़ यह कि असर ख़त्म हो गया है बल्कि यह अमरीका के कमज़ोर होने और वॉशिंग्टन की नीतियों की नाकामी को दर्शाती है। (MAQ/N)