फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने हथियारों की बिक्री का औचित्य दर्शाया
रोचक बात है कि मानवाधिकारों की रक्षा का दम भरने वाले देशों और सरकारों के हथियारों से हज़ारों आम यमनी मारे जा चुके हैं।
सऊदी अरब के हाथों हथियारों की बिक्री का फ्रांस के राष्ट्रपति ने औचित्य दर्शाया है। एमानोएल मैक्रां ने गुरूवार को सऊदी अरब के हाथों हथियारों की बिक्री का औचित्य दर्शाते हुए कहा कि सऊदी अरब के हाथ बेचे जाने वाले अधिकांश हथियारों का प्रयोग इस देश के अंदर या इस देश की सीमाओं पर होता है।
मैक्रां ने कहा कि सऊदी अरब से इस बात की गैरेन्टी ली गयी है कि इन हथियारों का प्रयोग आम नागरिकों के खिलाफ नहीं होना चाहिये। मैक्रां का यह बयान ऐसी स्थिति में सामने आ रहा है जब फ्रांस में मानवाधिकार के एक संगठन ने गुरूवार को फ्रांस गये सऊदी अरब के जहाज़ पर हथियार लदने से रोकने का प्रयास किया।
इससे पहले फ्रांस में कई गैर सरकारी संगठनों ने इस देश की सरकार का आह्वान किया था कि वह सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री को बंद करे। रोचक बात है कि मानवाधिकारों की रक्षा का दम भरने वाले देशों और सरकारों के हथियारों से हज़ारों आम यमनी मारे जा चुके हैं।
जानकार हल्कों का कहना है कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति से पूछा जाना चाहिये कि जो हथियारों वह सऊदी अरब के हाथों बेच रहे हैं उनका प्रयोग सऊदी अरब के अंदर या सऊदी अरब की सीमा पर कहां हो रहा है? कौन लोग मारे जा रहे हैं? ईसाई समुदाय से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन ने कहा है कि फ्रांसीसी सरकार इस विषय की अनदेखी नहीं कर सकती कि इन हथियारों को यमन में युद्धापराध अंजाम देने के लिए सऊदी अरब ले जाया जा रहा है। MM