जर्मनी, “मस्जिद टैक्स” के समर्थन में निरंतर वृद्धि
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जर्मनी में “मस्जिदों को ग़ैर लोकतांत्रिक और कट्टरपंथी तत्वों की विदेशी फंडिंग” से बचाने के लिए “मस्जिद टैक्स” के समर्थन में निरंतर वृद्धि हो रही है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
May १३, २०१९ ०४:३३ Asia/Kolkata
  • जर्मनी, “मस्जिद टैक्स” के समर्थन में निरंतर वृद्धि

जर्मनी में “मस्जिदों को ग़ैर लोकतांत्रिक और कट्टरपंथी तत्वों की विदेशी फंडिंग” से बचाने के लिए “मस्जिद टैक्स” के समर्थन में निरंतर वृद्धि हो रही है।

एएफ़पी के अनुसार संसद में चर्चा के दौरान दिए गये जवाब में कहा गया है कि केन्द्र सरकार ने मस्जिदों की फ़ंडिंग के लिए “मस्जिद टैक्स” का संभावित हल तलाश किया है।  

स्थानीय समाचार पत्र का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया गया है कि जर्मनी के 16 राज्यों में से कुछ ने “चर्च टैक्स” अपनाया है।

रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी में मस्जिदों की विदेशी फ़ंडिंग से संबंधित शंकाएं जन्म ले रही हैं जहां लगभग 50 लाख मुसलमान आबाद हैं।

इस हवाले से कहा गया है कि जर्मनी की लगभग 900 मस्जिदों में नियुक्त इमामों के वेतन टर्किश इस्लामिक यूनियन आफ़ इन्स्ट्यूट फ़ार रिलिजन के अंतर्गत अदा किए जाते हैं।

ज्ञात रहे कि पिछले वर्ष जर्मनी की सरकार ने देश में समन्वय बढ़ाने के लिए 45 लाख मुस्लिम नागरिकों से विभिन्न समुदाय के नेताओं, विशेषज्ञों और इमामों से संपर्क किए थे।

वर्ष 2015 में जर्मन चांस्लर एंगेला मर्केल ने इराक़, सीरिया और अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध से प्रभावित होकर बेघर होने वाले 10 लाख से अधिक शरणार्थियों के लिए सीमाएं खोल दी थीं जिसके बाद जर्मनी में मुसलमानों की संख्या बढ़ गयी है। (AK)