नाइजीरिया, मुसलमानों के जनसंहार पर इस्लामी मानवाधिकार आयोग चीख़ उठा
इस्लामी मानवाधिकार आयोग ने नाइजीरिया में मुसलमानों के जनसंहार और निहत्थे मुसलमानों पर हमले की निंदा करते हुए शैख़ इब्राहीम ज़कज़की की स्वतंत्रता की मांग की है।
इस्लामी मानवाधिकार आयोग के प्रमुख मसऊद शजरा ने लंदन में हमारे संवाददाता से बात करते हुए कहा कि शैख़ इब्राहीम ज़कज़की की स्वतंत्रता के बारे में नाइजीरिया की उच्च अदालत के फ़ैसले को ढाई साल बीतने तथा शैख़ इब्राहीम पर लगे समस्त आरोपों के रद्द हो जाने के बावजूद, नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन के प्रमुख शैख़ ज़कज़की को स्वतंत्र नहीं किया गया।
श्री शजरा ने नाइजीरिया के मुसलमानों तथा शैख़ इब्राहीम ज़कज़की के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की चुप्पी की आलोचना करते हुए इस चुप्पी को इन संस्थाओं के माथे पर कलंक क़रार दिया।
इस्लामी मानवाधिकार आयोग के प्रमुख ने कहा कि अब तक नाइजीरिया एक हज़ार तीन सौ न्यायप्रेमी मुसलमान मारे जा चुके हैं और यह प्रक्रिया विश्व समुदाय की चुप्पी में यथावत जारी है।
इस्लामी मानवाधिकार आयोग के प्रमुख मसऊद शजरा ने कहा कि शैख़ इब्राहीम ज़कज़की की स्वतंत्रता के लिए मंगलवार को आयोजित होने वाला शांतिपूर्ण प्रदर्शन, सुरक्षा बलों के हमलों के बाद हिंसक हो गया और दो प्रदर्शनकारी मारे गये तथा कई अन्य घायल हो गये।
ज्ञात रहे कि साढे तीन साल पहले आयतुल्लाह शैख़ इब्राहीम ज़कज़की को ग़ैर क़ानूनी ढंग से गिरफ़्तार किया गया था।
न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें अब तक आज़ाद नहीं किया गया है। इस समय शेख ज़कज़की का स्वास्थ्य बहुत ख़राब है और उनके समर्थक अपने नेता के उचित उपचार और उनकी स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं। (AK)