अफ़ग़ानिस्तान शांति की ओर एक क़दम और बढ़ा
तालेबान-अफ़ग़ान सरकार के बीच आरंभिक सहमति हुयी।
अफ़ग़ान राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता सिद्दीक़ सिद्दीक़ी ने काबुल में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में देश की सरकार और तालेबान गुट के बीच आरंभिक सहमति बनने की सूचना दी, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि दोनों पक्षों के बीच किस समय बातचीत हुयी। सिद्दीक़ सिद्दीक़ी ने जंग की समाप्ति, संघर्ष विराम, आम लोगों को किसी तरह का नुक़सान न पहुंचाना और आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए तालेबान की ओर से गैरंटी, अफ़ग़ान सरकार और तालेबान गुट के बीच हुयी आरंभिक सहमति के मुख्य बिन्दु बताए।
अफ़ग़ान सरकार के प्रवक्ता की बातों से लगता है कि अफ़ग़ान सरकार और तालेबान के बीच आरंभिक सहमति दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच आमने सामने की बातचीत का नतीजा है जिसके बारे में मीडिया में ख़बर नहीं आयी या फिर चीन और पाकिस्तान जैसे विदेशी या आंतरिक खिलाड़ियों की मध्यस्थता का नतीजा है। दोनों ही हातल में नतीजा लगभग एक जैसा है और वह यह कि अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया के मार्ग में मौजूद रुकावटों में से एक रुकावट दूर हो रही है।
अलबत्ता अफ़ग़ानिस्तान में विदेशियों के विध्वंसक हस्तक्षेप ख़ास तौर पर अमरीकी नीतियों के मद्देनज़र ऐसा लगता है कि काबुल सरकार और तालेबान के बीच बातचीत के सुचारू रूप अख़्तियार करने में काफ़ी समय लगेगा। लेकिन इसके साथ ही बहुत से टीकाकारों का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता के विभिन्न गलियारों की तालेबान के साथ बातचीत ऐसा मामला है जिसमें तालेबान के हित भी सुनिश्चित होंगे। ख़ास तौर पर इस बात के मद्देनज़र कि यह गुट सत्ता में भागीदारी चाहता है तो उसके लिए ज़रूरी है कि अफ़ग़ान जनता के प्रतिनिधियों से बातचीत करे और बातचीत में अपनी स्वाधीनता व विदेशी शक्तियों पर अपनी निर्भरता न होने को प्रदर्शित करे और देश के भविष्य के लिए अपनी योजना और कार्यक्रम वार्ता की मेज़ पर पेश करे। (MAQ/T)