क्या इस्लामी जगत के पिछड़ेपन का कारण, इस्लाम है?
ब्रिटेन में सर्वे रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि बोरिस जान्सन टेरिज़ा मे के बाद इस देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। वैसे प्रधानमंत्री पद के दावेदार दोनों की प्रत्याशियों अर्थात बोरिस जान्सन और जेरेमी हंट के विचारों में विशेष अंतर नहीं है विशेषकर युरोपीय संघ से बाहर निकलने के बारे में दोनों ही समान विचार रखते हैं।
हम इस आलेख में बोरिस जान्सन के बारे में बता न करते अगर वह अपने गुरु, डोनाल्ड ट्रम्प से अधिक नस्लभेदी न होते। वह अभी से धमकी दे रहे हैं कि प्रधानमंत्री बनने की दशा में ट्रम्प के साथ इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ मोर्चा बनाएंगे।
बोरिस जान्सन और डोनाल्ड ट्रम्प के मध्य बहुत सी समानताएं हैं किंतु सब से अधिक नस्लभेद, इस्लाम और मुसलमानों से शत्रुता, इतिहास से अनभिज्ञता, स्वेत वर्ण को श्रेष्ठ समझने, पलायनकर्ताओं को भगाने और देश की सीमाओं को दूसरों के लिए बंद करने जैसे मामलों में दोनों के विचार एक दूसरे से मिलते हैं।
बोरिस जान्सन लंदन के मेयर और विदेशमंत्रालय के पदों पर रह चुके हैं वह डेली टेलीग्राफ में अपने कालम में मुसलमानों और इस्लाम के खिलाफ ज़हर उगलते रहते हैं। एक बार उन्होंने नक़ाब पहनने वाली महिलाओं को बैंक डाकुओं और पोस्ट बाक्स की भांति बताया था लेकिन पिछले दिनों उन्होंने अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए " द ड्रीम आफॅ रोम " नामक अपनी किताब के नये संस्करण के प्रकाशन के समय दावा किया कि इस्लाम की वजह से इस्लामी जगत, पश्चिम से सदियों पीछे हो गया।
रोचक तथ्य यह है कि बोरिस जान्सन यह दावा भी करते हैं कि उनके पूर्वज उस्मानी तुर्क थे और वह अपने परिवार के साथ ब्रिटेन आए थे। अर्थात ट्रम्प की भांति वह भी पलायनकर्ता हैं। हमारे ख्याल में बोरिस जान्सन को इतिहास, मुसलमानों और अधंकारमय काल से युरोप को निकालने में उनकी भूमिका के बारे में अध्ययन करता चाहिए तब उन्हें पता चल जाएगा कि मुसलमानों ने किस प्रकार युरोपवासियों को अज्ञानता के अंधकार से निकाल कर गणित, चिकित्सा, खगोलशास्त्र दर्शन शास्त्र जैसे ज्ञान के उजाले में पहुंचाया जिसकी वजह से आज युरोप विकास की ऊंचाईयों तक पहुंच पाया है।
क्या इस्लाम मुसलमानों के पिछड़ेपन का कारण है?
निश्चित रूप से इस्लामी जगत का पिछड़ापन, इस्लाम धर्म की वजह से नहीं है बल्कि इस्लामी जगत के पिछले पन की मुख्य वजह पश्चिमी साम्राज्यवाद और तानाशाही शासन व्यवस्था का भ्रष्टाचार है। ट्रम्प और बोरिस जान्सन जैसे नस्लभेदी यदि अमरीका और ब्रिटेन में सत्ता के शिखर पर रहे तो इससे इन देशों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे पैदा हो जाएंगे इस लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन नस्लभेदों नेताओं के विरुद्ध मोर्चा बनाए जाने की ज़रूरत है जैसा कि नाज़ी और फासीवादियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मोर्चा बनाया गया था। वह लोग भी मतदान की सीढ़ी से ही सत्ता के शिखर पर पहुंचे थे।(Q.A.) साभार, रायुल यौम, लंदन
मुस्लिम वैज्ञानिकों की सेवाओं की एक झलकः
- 10 वीं शताब्दी के मुस्लिम गणितज्ञ, खगोलविद और भौतिक विज्ञानी इब्ने अल-हैसम ने विंडो शटर में छेद के माध्यम से प्रकाश के रास्ते को देखते हुए सब से पहले पिन-होल कैमरा का आविष्कार किया।
- राइट भाइयों के एक हजार साल पहले एक मुस्लिम कवि, खगोलविद, संगीतकार और इंजीनियर अब्बास इब्न फिरनास ने उड़ने वाली मशीन बनाने के कई प्रयास किए। उन्होंने पहला पैराशूट बनाया। बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और चंद्रमा पर एक क्रेटर का नाम उनके नाम पर रखा गया है।
- 13 वीं शताब्दी में, इब्न नफीस नामक एक अन्य मुस्लिम चिकित्सा ने विलियम हार्वे ने इसे खोजने से 300 साल पहले रक्त के संचलन का वर्णन किया था। मुस्लिम डॉक्टरों ने अफीम और अल्कोहल मिश्रणों के एनेस्थेटिक्स का भी आविष्कार किया और आज भी इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक में आंखों से मोतियाबिंद को चूसने के लिए खोखले सुइयों का विकास किया।
- विंडमिल का आविष्कार 634 में फारसी खलीफा के लिए किया गया था और इसका इस्तेमाल मकई पीसने और सिंचाई के लिए पानी खींचने के लिए किया जाता था। यूरोप में पहली विंडमिल देखने के 500 साल पहले यह था। (साभार, सियासत)