ट्रम्प, बोरिस जाॅन्सन और यूरोपीय संघ
इन दिनों एक बार फिर यूरोपीय संघ से अमरीका के आर्थिक टकराव का नया चरण दिखाई दे रहा है।
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि फ़्रान्स ने अमरीकी कंपनियों पर टैक्स लगाए हैं और यह बात स्वीकार्य नहीं है, हम भी जवाबी कार्यवाही करेंगे। इससे कुछ दिन पहले भी उन्होंने यूरोप के साथ अमरीका के व्यापारिक संबंधों की स्थिति और नेटो के ढांचे की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि दूसरे देशों ने बहुत बुरी तरह से हमें टोपी पहनाई है और इनमें से कुछ तो हमारे घटक भी हैं। उन्होंने व्यापार के क्षेत्र में हमें धोखा दिया है। व्यापार के मामले में यूरोपीय संघ हमारे लिए चीन से भी बुरा है और उसे आर्थिक क्षेत्र में हमें पराजित करने के लिए बनाया गया था। हम नेटो के साथ मिल कर उनकी रक्षा करते हैं और वे व्यापार में हमारा ही गला काटते हैं। रक्षा के मामले में मुश्किल यह है कि वे बिल अदा करने के लिए तैयार नहीं हैं। मैंने पिछले दो साल में उन्हें नेटो को एक अरब डाॅलर देने के लिए मजबूर किया है। उन्हें पैसे देने ही होंगे क्योंकि किसी ने भी उनके लिए यह काम नहीं किया है।
इस बीच ऐसा लगता है कि ब्रेगज़िट और ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बोरिस जान्सन ने ट्रम्प को यूरोपीय संघ पर अधिक दबाव डालने का अवसर उपलब्ध करा दिया है। ट्रम्प ने बोरिस जाॅन्सन की तारीफ़ करते हुए कहा है कि वे अद्भुत प्रधानमंत्री हैं और अमरीका व ब्रिटेन अपने वर्तमान लेन-देन को कई गुना बढ़ा सकते हैं। उन्होंने रोएटर्ज़ को बताया कि मैंने बोरिस जाॅन्सन से बात की है, वे बड़े अच्छे आदमी हैं, मुझसे भी उनकी दोस्ती है और हमारे बड़े अच्छे संबंध हैं। हम एक व्यापारिक समझौते पर काम कर रहे हैं जो बहुत अहम समझौता हो सकता है। हमारे आपसी व्यापारिक संबंध मौजूदा दर से कई गुना अधिक हो सकते हैं। अस्ल में यूरोपीय संघ के साथ ब्रिटेन के संबंधों ने व्यापार के मैदान में हमारे हाथ बांध दिए हैं।
बोरिस जाॅन्सन से ट्रम्प ने जो वादे किए हैं उनकी ब्रिटेन में आलोचना हो रही है। इस देश के पूर्व विदेश मंत्री जैक स्ट्राॅ ने सीएनएन से बात करते हुए कहा कि उन्हें आशा है कि जाॅन्सन, अमरीका के साथ अच्छे व्यापारिक समझौते के बारे में ट्रम्प के वादों के झांसे में नहीं आएंगे और यूरोपीय देशों तथा ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि वे ट्रम्प की पेशकश के सामने नहीं झुकेंगे जो यह कहेंगे कि हम आपसे व्यापारिक समझौता करेंगे और आप यूरोप से दूरी बना लीजिए। अब देखना है कि सियाना ब्रिटेन अमरीका के धोखे में आता है या नहीं? (HN)