ईरान के ख़िलाफ़ ट्रंप के पांच झूठों का पर्दाफाश
अमेरिकी पत्रिका ने लिखा है कि यह दावा बहुत बड़ा झूठ है कि ईरान परमाणु बम बना रहा है।
एक अमेरिकी पत्रिका "द इंटरसेप्ट" ने लिखा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान परमाणु बम बना रहा है जबकि परमाणु हथियार अप्रसार संधि एनपीटी के अनुसार ईरान का परमाणु कार्यक्रम कानूनी और एनपीटी के अनुसार है और यह दावा बहुत बड़ा झूठ है कि ईरान परमाणु बम बना रहा है।
अमेरिकी पत्रिका "द इंटरसेप्ट" ने आगे लिखा कि ट्रंप ने यह दावा किया था कि ईरान ने परमाणु समझौते का उल्लंघन किया है जबकि परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी आईएईए ने 15 बार की अपनी रिपोर्टों में इस बात की पुष्टि की है कि ईरान परमाणु समझौते के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध है।
अमेरिकी पत्रिका "द इंटरसेप्ट" ने लिखा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भी दावा किया था कि ईरान वर्ष 1979 से विश्व में आतंकवाद के वित्तीय समर्थन का केन्द्र रहा है जबकि 11 सितंबर की घटना के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने जिस आतंकवाद विरोधी लड़ाई की घोषणा की थी उसका और अलकायदा, दाइश और अश्शबाब जैसे गुटों में से किसी का भी संबंध ईरान से नहीं था।
इस आन लाइन अमेरिकी पत्रिका ने लिखा है कि यह सऊदी अरब है जिस पर बहुत से आतंकवादी गुटों को हथियारों से लैस करने और वित्तीय समर्थन देने का आरोप है।
द इंटरसेप्ट ने बल देकर लिखा कि ट्रंप का सबसे मूर्खतापूर्ण व पाखंडी झूठ यह है कि वह ईरान के साथ युद्ध को आसान समझ रहे हैं।
विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अभी हाल ही में ईरान के खिलाफ अमेरिका के संभावित युद्ध के बारे में चेतावनी दी थी और कहा था कि हमने न कभी युद्ध आरंभ किया है और न करेंगे परंतु अगर किसी ने ईरान के खिलाफ युद्ध आरंभ किया तो युद्ध को समाप्त करना उसके बस में नहीं होगा। MM