ख़तरनाक होता क्लाइमेट संकट, लंदन में प्रदर्शन, कार्यकर्ता हुए गिरफ़्तार
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लंदन में पुलिस ने 10 पर्यावरण कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Oct ०६, २०१९ १८:१९ Asia/Kolkata
  • ख़तरनाक होता क्लाइमेट संकट, लंदन में प्रदर्शन, कार्यकर्ता हुए गिरफ़्तार

लंदन में पुलिस ने 10 पर्यावरण कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है।

लंदन पुलिस ने दक्षिणी लंदन में जिन 10 पर्यावरण कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है उनमें 7 औरतें और 3 मर्द हैं। इन लोगों को शनिवार को क़ानून व्यवस्था में गड़बड़ी की योजना के संदेह में गिरफ़्तार किया गया।

लंदन पुलिस के अनुसार, ये लोग "इक्सिटंगशन रिबेलियन" नामक गुट के सदस्य हैं जो केन्द्रीय लंदन में कई जगह सरकारी इमारतों के सामने प्रदर्शन करने वाले थे।

"इक्सिटंगशन रिबेलियन" गुट की ओर से जारी बयान में आया है कि पुलिस कर्मियों ने तंबू, मोबाइल शौचालय, कूड़ेदान और तंबू में मौजूद रहने के सामान को ज़ब्त कर लिया है लेकिन हमारा विरोध फिर भी जारी रहेगा।

इससे पहले अप्रैल में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने लंदन में पांच जगहों पर धरना प्रदर्शन किया था जिससे लोक परिवहन सेवा प्रभावित हुयी  थीं

"इक्सिटंगशन रिबेलियन" गुट एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो 2018 में ब्रिटेन में क़ायम हुआ और बड़ी तेज़ी से यह पर्यावरण के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय आंदोलन बनता जा रहा है।

हालिया हफ़्तों में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने औद्योगिक देशों की पर्यावरण को नुक़सान पहुंचाने वाली गतिविधियों और धरती के बढ़ते तापमान के ख़िलाफ़ इन देशों में प्रदर्शन किया था।

ग़ौरतलब है कि 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र संघ में जलवायु परिवर्तन के विषय पर शिखर सम्मेलन हुआ था जिस पर दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन को लेकर हो रहे प्रदर्शन का असर नज़र आया। इस शिखर सम्मेलन में नेताओं ने इस समस्या से निपटने के लिए वादे किए।

इस सम्मेलन में स्वीडन की युवा पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा तुन्बरी या ग्रेटा तुन्बर्ग की बातों से पूरी सभा पर सन्नाटा छा गया।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमने तुरंत क़दम नहीं उठाया तो पूरी इंसानियत को ऐसे चेन रिएक्शन का सामना होगा जिसे पलटाना मुमकिन नहीं होगा जिसके नतीजे में सबसे ज़्यादा उनकी पीढ़ी के लोग प्रभावित होंगे।

ग्रेटा तुन्बरी ने रोहांसे अंदाज़ में इन शब्दों में क्लामेट चेन्ज के ख़तरनाक अंजाम की ओर ध्यान खींचाः लोग पीड़ा झेल रहे हैं, पूरा इकोसिस्टम फ़ेल हो रहा है। हम सर्वनाश की शुरुआत में हैं और आप लोग सिर्फ़ पैसों और शाश्वत आर्थिक विकास की ख़्याली बातें कर रहे हैं। (MAQ/N)