अमरीकी संसद ने बांधे ट्रम्प के हाथ, सीमित किये युद्ध अधिकार
https://parstoday.ir/hi/news/world-i82993-अमरीकी_संसद_ने_बांधे_ट्रम्प_के_हाथ_सीमित_किये_युद्ध_अधिकार
अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस आफ रिप्रेज़ेंटेटिव ने एक प्रस्ताव पारित करके अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के युद्ध अधिकारों को सीमित कर दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan १०, २०२० ०५:११ Asia/Kolkata
  • अमरीकी संसद ने बांधे ट्रम्प के हाथ, सीमित किये युद्ध अधिकार

अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस आफ रिप्रेज़ेंटेटिव ने एक प्रस्ताव पारित करके अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के युद्ध अधिकारों को सीमित कर दिया है।

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने गुरुवार को युद्ध शक्तियों के संबंधित प्रस्ताव को पारित कर दिया जो बिना कांग्रेस की अनुमति के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की ट्रंप की क्षमताओं को सीमित करता है।  हालांकि प्रस्ताव पारित होने से पहले ट्रम्प ने रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधियों से कहा था कि वे इस प्रस्ताव के विरोध में मतदान करें। 

अमेरिकी संसद के निचले सदन से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकार सीमित करने का युद्ध शक्ति प्रस्ताव पारित हो गया है।  अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में स्थानीय समयानुसार गुरुवार को वोटिंग के दौरान 224-194 के बहुमत से मतदान हुआ।  इस प्रस्ताव के पक्ष में 194 वोट पड़े। इस प्रस्ताव का मतलब है कि अब डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध का ऐलान करने से पहले कांग्रेस की मंज़ूरी की ज़रूरत होगी। हालांकि अभी इस प्रस्ताव को ऊपरी सदन में पास होना बाकी है।  अमरीकी सदन में इस प्रस्ताव को कांग्रेस नेता एलिसा स्लॉटकिन ने पेश किया। एलिसा इससे पहले सीआईए एनालिस्ट एक्सपर्ट के रूप में काम कर चुकी हैं और अमरीकी रक्षा विभाग के अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में कार्यवाहक असिसटेंट सचिव के रूप में भी सेवा दे चुकी हैं।

इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा था कि ईरान से युद्ध छेड़ने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रोकने के लिए आज अमेरिकी संसद वोटिंग करेगा। 

सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने एक ट्वीट कर सुलेमानी की हत्या के लिए की गई एयर स्ट्राइक को उत्तेजक और असंगत बताया था। उन्होंने कहा कि स्ट्राइक करने का यह फैसला कांग्रेस से बातचीत किए बिना ही किया गया, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है।   उल्लेखनीय है कि अमेरिकी संसद में ईरान से युद्ध के मसले पर वोटिंग ऐसे समय में हुई है कि जब दोनों देशों के बीच तनाव काफी गहरा गया है।