नाइजेरियाई सेना ने जानबूझ कर जनसंहार किया, एम्नेस्टी इंटरनेश्नल
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12 दिसंबर 2015 को शैख़ ज़कज़की के घर पर नाइजेरियाई सैनिकों (इस तस्वीर में नहीं दिखाई दे रहे हैं) की चढ़ाई की यह तस्वीर
मानवाधिकार संगठन एम्नेस्टी इंटरनेश्नल का कहना है कि पिछले साल दिसंबर में नाइजेरिया की सेना ने इस देश में शीया धर्मगुरु शैख़ इब्राहीम ज़कज़की के सैकड़ों समर्थकों का जानबूझ कर जनसंहार करके उनके शवों को सामूहिक क़बरों में दफ़्न किया था ताकि अपने अपराध पर पर्दा डाल सके।
ब्रिटेन स्थित एम्नेस्टी इंटरनेश्नल ने शुक्रवार को रिपोर्ट में कहा कि नाइजेरियाई सेना ने इस देश के शीया धर्मगुरु शैख़ इब्राहीम ज़कज़की के 350 से ज़्यादा समर्थकों का जनसंहार किया और उन्हें सामूहिक क़ब्रों में दफ़्न तथा घटना स्थल तक पहुंच पर पाबंदी लगाकर अपराध के सुबूत को बड़ी सतर्कता से मिटाने की कोशिश की।
यह घटना नाइजीरिया के कादूना राज्य के ज़ारिया शहर में घटी थी।
12 दिसंबर 2015 को नाइजीरियाई सैनिकों ने ज़ारिया शहर में, एक धार्मिक केन्द्र में आयोजित सभा में उपस्थित, शीया मुसलमानों पर यह आरोप लगाते हुए हमला किया था कि वे इस देश के सेना प्रमुख के कारवां के मार्ग को बाधित कर उनकी हत्या की कोशिश कर रहे थे।
इस घटना के एक दिन बाद नाइजेरियाई सैनिकों ने शैख़ ज़कज़की के घर पर जो नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन का नेतृत्व करते हैं, चढ़ाई की और जिन लोगों ने शैख़ ज़कज़की की रक्षा करने की कोशिश की उन्हें जान से मार कर शैख़ ज़कज़की को गिरफ़्तार करके ले गए।
इन दोनों घटनाओं में सैकड़ों मुसलमानों का जनसंहार हुआ जिसमें शैख़ ज़कज़की के 3 बेटे भी शामिल हैं। कुछ सूत्रों ने इन दोनों घटनाओं में हताहत होने वालों की संख्या 1000 से ऊपर बतायी थी।
एम्नेस्टी इंटरनेश्नल की रिपोर्ट में आया है, “नाइजीरिया की सेना ने लोगों को ज़िन्दा जलाया, इमारतें गिरायीं और मृतकों के शवों को सामूहिक क़ब्र में दफ़्न कर दिया।” इसी प्रकार इस रिपोर्ट में आया है, “शव हटा दिए गए, घटना स्थल की इमारतें ढा दी गयीं, मलबा हटाया गया, ख़ून के धब्बे साफ़ किए गए और गलियों में पड़ी गोलियों व कारतूसों को हटाया गया।”

प्रत्यक्षदर्शियों का भी इस नृशंस घटना के बारे में बयान सामने आया है।
ज़ारिया जनसंहार के एक प्रत्यक्षदर्शी ने एम्नेस्टी इंटरनेश्नल को बताया, “दूर से मुझे एक बड़ा सा टीला लगा जब मैंने और क़रीब जाकर देखा तो वह शवों का बहुत बड़ा ढेर था। मैंने कभी भी इतने शव नहीं देखे।”
एक और स्थानीय नागरिक ने बताया, “जो लोग बुरी तरह घायल होने के कारण न भाग सके, उन्हें ज़िन्दा जलाया गया।”(MAQ/N)