तालेबान की आज़ादी के लिए अमरीका हुआ बेचैन
कल तक तालेबान के सफाए का दावा करने वाला अमरीका अब तालेबान की आज़ादी के लिए बहुत बेचैन है।
अफ़ग़ानिस्तान के मामले में अमरीका के विशेष दूत ने तालेबान बंदियों को जेल से आज़ाद न करने के कारण अफ़ग़ानिस्तान की सरकार की कड़ी निंदा की है।
ज़लमेई ख़लीलज़ाद ने बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान की अशरफ़ ग़नी सरकार से मांग की है कि वह अमरीका तथा तालेबान के बीच हुए तथाकथित शांति समझौते के आधार पर जेलों में बंद पांच हज़ार तालेबान को फौरन आज़ाद करे।
तालेबान और अमरीका के बीच क़तर में बीस दिन पहले हुए समझौते के आधार पर 10 दिनों के भीतर अफ़ग़ानिस्तान की सरकार को उन 5000 तालेबना को जेलों से छोड़ना था जिनकी लिस्ट तालेबान की ओर से अशरफ़ ग़नी सरकार को दी गई थी। इसी बीच अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने कहा है कि मैंने अमरीका से कोई एसा वादा नहीं किया है जिसके आधार पर बिना किसी शर्त के हज़ारों तालेबान बंदियों को आज़ाद किया जाए।