सबसे कारगर मास्क कौन सा? जर्मन विशेषज्ञ का सुझाव
इस समय जब दुनिया भर में कोरोना वायरस फैला हुआ है और बड़े पैमाने पर मास्क का प्रयोग किया जा रहा है तो यह सवाल भी उठ रहा है कि कौन सा मास्क सबसे उपयोगी है क्योंकि कपड़े के मास्क, काग़ज़ के मास्क और सर्जिकल मास्क सभी इस समय इस्तेमाल हो रहे हैं।
मास्क की दो ख़ूबियां हैं एक तो संक्रमित व्यक्ति से वायरस दूसरों तक न जाए और मास्क लगाने वाला व्यक्ति बिना किसी समस्या के सांस ले सके।
जर्मनी के माइन्ज़ शहर में मास्क ब्लांक केमिकल फ़ाउंडेशन की शोध टीम के अध्यक्ष फ़्रांक डेरविनिक मास्क की फ़िल्टर क्षमता पर शोध कार्य कर रहे हैं।
यह टीम इस बात पर शोध कर रही है कि कौन सी चीजें कोरोना वायरस जैसे अति सूक्ष्म कणों की भलीभांति और भरोसेमंद तरीक़े से रोकथाम कर सकती हैं।
शोधकर्ता टीम का कहना है कि बुने हुए कपडों की परतों से बनाए गए मास्कों की तुलना में वह मास्क जो बुने हुए कपड़े से तैयार नहीं किए गए हैं ज़्यादा बेहतर हैं क्योंकि बुने हुए कपड़े से तैयार किए जाने वाले मास्क में इस बात की संभावना रह जाती है कि वायरस जैसी अदृश्य और अति सूक्ष्म चीज़ उससे गुज़र जाए। सर्जिकल मास्क बनाने में भी जो कपड़ा इस्तेमाल होता है वह नान वुवन फ़ैबरिक का बना होता है।
फ़्रांस डेरवीनिक ने कहा कि ग़ैर बुने फ़ैबरिक से तैयार किए जाने वाले मास्क में यह गुंजाइश नहीं रह जाती कि वायरस उससे गुज़र सके।
जर्मन विशेषज्ञ का कहना है कि यह ज़रूरी नहीं है कि वही मास्क अच्छा है जिसे पहनने के बाद सांस लेने में दिक़्क़त हो। यदि ग़ैर बुने कपड़े के फ़ैबरिक से तैयार किया गया मास्क इस प्रकार का है कि उससे सांस लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही है तो यह उपयोगी मास्क है।
वायरस तो बेहद सूक्ष्म होता है लेकिन हवा में यह वायरस अकेला नहीं होता बल्कि किसी एसे कण के भीतर होता है जो उस वायरस से बड़ा होता है।
स्रोतः जर्मन मीडिया