अमरीका परमाणु समझौते का विकल्प पेश नहीं कर सकताः यूरोपीय संघ
यूरोपीय संघ ने ज़ोर दे कर कहा है कि अमरीका में कोई भी सरकार परमाणु समझौते का उचित व प्रभावी विकल्प पेश नहीं कर सकती।
यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के प्रभारी जोज़फ़ बोरल ने इटली में वीडियो लिंक के माध्यम से आयोजित होने वाले मेडिट्रेनियन डायलाॅग 2020 (MED2020) के सम्मेलन में एक बार फिर ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते की रक्षा पर बल दिया और कहा कि ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते के विकल्प के तौर पर ट्रम्प समझौते के नाम से कोई दूसरा समझौता पेश करना बिलकुल भी संभव नहीं है। उन्होंने परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकल जाने पर अप्रसन्नता जताते हुए इसे एक द्विपक्षीय समझौता बताया और कहा कि समझौते के सभी पक्ष, इससे अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकलने से अप्रसन्न हैं।
यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के प्रभारी जोज़फ़ बोरल ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि परमाणु समझौते के संयुक्त आयोग के समन्वयकर्ता के रूप में वे अपने दायित्वों का निर्वाह जारी रखेंगे, कहा कि इस बात की आशा रखना बेकार है कि ईरान, इस समझौते के आर्थिक हितों से लाभान्वित हुए बिना इसका पूरा पालन करेगा। याद रहे कि पांच साल पहले 14 जुलाई सन 2015 को ईरान और फ़्रान्स, अमरीका, चीन, रूस, ब्रिटेन व जर्मनी और साथ ही यूरोपीय संघ ने वियना में जेसीपीओए नामक एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसे आम तौर पर परमाणु समझौता कहा जाता है। (HN)
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