कोरोना वायरस का एक चौंका देने वाला नुक़सान आया सामने!
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कोरोना वायरस महामारी को आए 9 महीने का लंबा समय बीत रहा है। इस बीच इस महामारी को लेकर हर दिन कोई न कोई नई बात सामने आ रही है। हाल के दिनों में कोरोना वायरस को लेकर कुछ ऐसी बातें सामने आई है कि जिसके बारे में ज़्यादातर स्वास्थ्य से संबंधित विशेषज्ञों ने सोचा भी नहीं था।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Sep १०, २०२० २०:१९ Asia/Kolkata
  • कोरोना वायरस का एक चौंका देने वाला नुक़सान आया सामने!

कोरोना वायरस महामारी को आए 9 महीने का लंबा समय बीत रहा है। इस बीच इस महामारी को लेकर हर दिन कोई न कोई नई बात सामने आ रही है। हाल के दिनों में कोरोना वायरस को लेकर कुछ ऐसी बातें सामने आई है कि जिसके बारे में ज़्यादातर स्वास्थ्य से संबंधित विशेषज्ञों ने सोचा भी नहीं था।

चिकित्सा विशेषज्ञों ने पहली बार खोज की है कि नया कोरोना वायरस मांसपेशियों के तंतुओं को छोटे टुकड़ों में बदल सकता है, यह बात हृदय कोशिकाओं पर हुए शोध में सामने आई है। इस शोध के परिणाम चिकित्सा पत्रिका में प्रकाशित नहीं हुए हैं बल्कि ऑनलाइन, bioRXiv पर जारी हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब चिकित्सा प्रयोगशाला में हृदय कोशिकाओं को कोरोना वायरस से संक्रमित किया गया था, तो यह पता चला कि वायरस ने मांसपेशी फाइबर को छोटे कणों में बदल दिया, जिससे हृदय की कोशिकाओं को स्थायी नुक़सान पहुंचा। इस नए शोध के परिणाम के बारे में अमेरिका के ग्लैडस्टोन इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता डॉक्टर टोड मैकड्यूट ने कहा, "हमने जो देखा वह सामान्य से बाहर था।" शोध के जो परिणाम सामने आए हैं उससे यह निष्कर्ष निकलता है कि कोविड-19 दिल को नुक़सान पहुंचा सकता है।

कोरोना वायरस पर हुए शोध की पिछली रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि कोरोना संक्रमित रोगियों के दिलों में असामान्य परिवर्तन देखने को मिलता है, लेकिन यह परिवर्तन वैसा है जो आम तौर से सामान्य बीमारियों के दौरान रोगियों में देखा जाता रहा है। इस नए अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 3 प्रकार की हृदय कोशिकाओं को बनाने के लिए विशेष स्टेम कोशिकाओं का उपयोग किया। इनमें कार्डियोमायोपैथी, कार्डियक फाइब्रोब्लास्ट्स और एंडोथेलियल कोशिकाएं शामिल थीं। प्रयोगशाला में, कोशिकाओं को कोरोना वायरस से संक्रमित किया गया था, जो कार्डियोमायोसाइट्स या हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाओं को संक्रमित करने और उनके भीतर अपना स्थान बनाता है। इन कोशिकाओं में मांसपेशी फाइबर होते हैं जो मांसपेशियों के संकुचन के लिए आवश्यक होते हैं जो दिल की धड़कन सामान्य रखने के लिए सहायक होते हैं। लेकिन शोध से यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस इन तंतुओं को छोटे कणों में बदल देता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि प्रयोगशाला में, कोशिका में आने वाली ख़राबी से मांसपेशियों के लिए एक उचित दिल की धड़कन को बनाए रखना असंभव बना देती है।

वैसे यह बात कही जाती है कि प्रयोगशालओं में किया जाने वाला शोध हमेशा वास्तविक जीवन में लागू नहीं होता है। इसीलिए इसकी जांच करने के लिए, शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के 3 रोगियों से दिल के टिशूज़ आटोपसी के नमूनों पर जांच की। उन्होंने कोशिकाओं में समान पैटर्न की खोज की जो प्रयोगशालाओं के प्रयोगों के समान थी, लेकिन बिल्कुल समान नहीं थी। शोधकर्ताओं का कहना है कि दिल की कोशिकाओं में बदलाव स्थायी हैं या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है। इस बीच शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला के प्रयोगों और रोगियों के हृदय कोशिकाओं के नमूनों में कुछ अन्य अजीब चीज़ों की भी खोज की। उन्होंने पाया कि हृदय की कुछ कोशिकाओं के अंदर से डीएनए ग़ायब हो गया था, जिससे वे सामान्य कार्य करने में असमर्थ थे। शौधकर्ताओं ने कहा कि, सुरक्षात्मक चिकित्सा की पहचान करना महत्वपूर्ण है। ऐसी थेरेपी जो दिल को नुक़सान पहुंचा सकती है, हालांकि वायरस से कोशिकाओं को नहीं मारा जा सकते है, लेकिन रोगियों को नकारात्मक परिणामों से बचाने के लिए कुछ ज़रूर किया जा सकता है। (RZ)

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