पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी विदेशमंत्री के बारे में क्या कहा?
अमेरिका ने अलक़ायदा का संबंध ईरान से क्यों जोड़ा, इससे वह क्या साधना चाहता है?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने तेहरान के ख़िलाफ़ व्हाइट हाउस के निराधार आरोपों पर प्रतिक्रिया दिखाई और कहा है कि अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो का यह दावा विश्वास के लाएक़ नहीं है कि आतंकवादी संगठन अलकायदा का संबंध ईरान से है। उन्होंने कहा कि विश्वासी इस प्रकार के दावे को क़बूल नहीं करेंगे। पाकिस्तान के प्रधानंमत्री ने कहा कि माइक पोम्पियो ने जायोनी शासन की प्रसन्नता हासिल करने के लिए ख़तरनाक बयान दिया है। उन्होंने बल देकर कहा कि सिद्धांतिक रूप से माइक पोम्पियो का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और अमेरिका की वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
लगभग एक दशक से अलक़ायदा और दाइश जैसे विभिन्न आतंकवादी गुटों ने इराक और सीरिया में तांडव मचा रखा था और पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि आतंकवादी गुटों ने सीरिया और इराक में किसी भी अपराध को अंजाम देने से संकोच से काम नहीं लिया है और ईरान ने आतंकवादी गुटों से मुकाबला करने में अग्रणी देश की भूमिका निभाई है। यही नहीं ईरान ने इराक और सीरिया जैसे देशों के आधिकारिक आह्वान पर परामर्श की सहायता दी। इराक और सीरिया में आतंकवादी गुटों के अंत में ईरान ने जो उल्लेखनीय व रचनात्मक भूमिका निभाई है हर दूसरे देश से अधिक स्वयं अमेरिका उसके प्रभावी होने से अवगत है।
रोचक बात है कि अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने ऐसी स्थिति में अलकायदा का संबंध ईरान से जोड़ा है जब स्वयं अमेरिका दुनिया में सबसे बड़े सरकारी आतंकवाद का मुखर समर्थक है। 3 जनवरी 2020 को जनरल क़ासिम सुलैमानी को अमेरिका के आतंकवादी सैनिकों ने बग़दाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप जो शहीद किया था वह स्वयं सरकारी आतंकवाद का स्पष्ट नमूना था। अमेरिका के युद्धोन्मादी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वीकार भी किया था कि इस हत्या का आदेश उन्होंने दिया था जबकि जनरल क़ासिम सुलैमानी इराकी सरकार के आधारिक निमंत्रण पर वहां गये थे और वह सरकारी मेहमान थे।
बहरहाल जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका ने आतंकवादी संगठन अलक़ायदा का संबंध ईरान से जोड़कर आतंकवादी गुटों को बनाने, उनके कृत्यों से आम जनमत के ध्यान को भटकाने और अपने अपराधों से आम जनमत का ध्यान हटाने की विफल कोशिश की है और विश्व समुदाय अमेरिका की विध्वंसक व आतंकवादी कार्यवाहियों से भली-भांति अवगत है। MM