रूस के साहसी सैनिक का शव मॉस्को पहुंचा
रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने एक सैन्य अधिकारी का शव मॉस्को पहुंचने की सूचना दी है। यह सैन्य अधिकारी सीरिया के पालमीरा नगर में एक खोजी अभियान के दौरान मारा गया था।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी करके बताया है कि अलेग्ज़ेंडर प्रोख़ोरेनकोव नामक इस सैन्य अधिकारी के शव को सीरिया के सैन्य अधिकारियों और कुर्द मिलिशिया के सहयोग से मॉस्को स्थानांतरित किया गया है। यह रूसी सैन्य अधिकारी 17 मार्च को सीरिया के पालमीरा नगर के निकट एक खोजी अभियान के दौरान मारा गया था।
क्या अभियान था और कैसे मौत हुई?
प्रोख़ोरेनकोव को ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी कि वे पालमीरा के निकट आतंकी गुट दाइश के ठिकानों के बारे में आवश्यक सूचनाएं एकत्रित करके उन्हें रूस के युद्धक विमानों को भेजें। उनके द्वारा भेजी गई सूचनाओं के आधार पर रूसी विमानों ने दाइश के कई ठिकानों को ध्वस्त किया। एक दिन रूस के इस सैन्य अधिकारी को पता चला कि दाइश के आतंकी उसे घेर रहे हैं जिसके बाद उसने तुरंत ही रूसी युद्धक विमानों को उस स्थान की सूचना भेजी जहां वह स्वयं मौजूद था। रूसी लड़ाकू विमानों ने प्राप्त जानकारी के अनुसार बमबारी की जिसके चलते प्रोख़ोरेनकोव के साथ ही उनका घेराव करने वाले कई आतंकी भी मारे गए। इस प्रकार रूस के इस वीर व साहसी सैनिक ने अपनी जान दे दी लेकिन दाइश की क़ैद में जाना स्वीकार न किया।
फ़्रान्स के बूढ़े सैन्य जोड़े ने दी अजीब श्रद्धांजली
इस बीच फ़्रान्स के एक रिटायर्ड सैन्य जोड़े ने, जिसे दूसरे विश्व युद्ध में अदम्य साहस दिखाने के कारण देश का सर्वोत्तम सैनिक मेडल प्रदान किया गया था, इस रूसी सैनिक के बलिदान की ख़बर पढ़ कर अपना मैडल इस सैनिक के परिवार को दे दिया था। जीन और क्लॉड मॉग ने पेरिस में रूसी दूतावास को एक पत्र और उक्त मेडल भेज कर कहा है कि अलेग्ज़ेंडर प्रोख़ोरेनकोव ने एक सच्चे नायक की तरह जान दी है और हमें उन पर गर्व है। उन्होंने दूतावास को संबोधित करते हुए लिखा है कि हम चाहते हैं कि दूसरे विश्व युद्ध में लड़ने के लिए हमें जो मेडल मिला था वह प्रोख़ोरेनकोव के परिवार को दे दिया जाए। (HN)