क़तर समझौते का खुलकर उल्लंघन कर रहा है अमरीकाः तालेबान
तालेबान का कहना है कि अमरीका स्पष्ट रूप से क़तर समझौते का उल्लंघन करते हुए अपने वादे को पूरा नहीं कर रहा है।
तालेबान ने कहा है कि दोहा समझौता, अफ़ग़ानिस्तान में कम अवधि में शांति स्थापित करने का सबसे महत्वपूर्ण समझौता है।
तालेबान के अनुसार निर्धारित समय पर विदेशी विशेषकर अमरीकी सैनिकों के देश से वापस न जाने से अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित करने में समस्याएं आएंगी। तालेबान ने कहा है कि दोहा समझौते के उल्लंघन की स्थिति में अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध में तेज़ी आएगी और जानी तथा माली नुक़सान का ज़िम्मेदार वहीं होगा जिसने इसका उल्लंघन किया है।
तालेबान ने अमरीकी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से विदेशी सैनिकों के वापस जाने के लिए निर्धारित की गई समय अवधि तक अगर अमरीकी यहां से नहीं जाते तो फिर उनके विरुद्ध कार्यवाहिंया फिर से आरंभ कर दी जाएंगी। तालेबान का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी के बारे में अमरीकी अधिकारियों के अस्पष्ट और विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं।
ज्ञात रहे कि अमरीका और तालेबान के बीच दोहा में होने वाले समझौते के अनुसार अमरीका को इस के मई महीने की पहली तारीख़ तक अपने सैनिक निकालने होंगे लेकिन इस बारे में अमरीका बहानेबाज़ी कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में कहा है कि तकनीकी कारणों से नियत समय पर अमेरिकी सैनिकों का अफ़ग़ानिस्तान से निकलना बहुत कठिन है। जो बाइडेन ने कहा है कि तालेबान के साथ पहली मई तक अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों के निकलने के संबंध में जो समझौता हुआ है उसको व्यवहारिक बनाना कठिन दिखाई दे रहा है। अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों के निकलने के लिए जो समय निर्धारित किया गया है उस समय पर उनका निकलना तकनीकी कारणों से बहुत कठिन है।
जो बाइडेन के अनुसार अमरीकी सैनिकों का अफ़ग़ानिस्तान से निकलना निश्चित है किंतु यह काम उचित समय पर ही किया जा सकता है।