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ईश्वरीय वाणी-४३
Apr ११, २०१६ ०५:४९सूरे क़सस पवित्र कुरआन का २८वां सूरा है और यह मक्का से मदीना पलायन से पूर्व मक्के में नाज़िल हुआ था।
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ईश्वरीय वाणी-४२
Apr ११, २०१६ ०५:३९कुरआने मजीद का सूरए नम्ल कुछ ईश्वरीय दूतों की जीवनियों और असत्य से उनके संघर्षों पर आधारित है।
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ईश्वरीय वाणी-४१
Apr ११, २०१६ ०५:३३अल-नम्ल सूरे की आयतें मक्के में विभिन्न अवसरों पर नाज़िल हुईं।
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ईश्वरीय वाणी-४०
Apr ११, २०१६ ०५:२९सूरए शोअरा, पवित्र क़ुरआन का 26वां सूरा है।
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ईश्वरीय वाणी-३९
Apr ११, २०१६ ०५:२६वह अर्थात ईश्वर वही है जिसने दो समुद्रों को एक दूसरे से मिलाकर रखा है, एक का पानी मीठा और दूसरे का खारा और उन दोनों के मध्य एक दीवार बना दिया है कि एक दूसरे से मिश्रित न हों।“
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ईश्वरीय वाणी-३८
Apr १०, २०१६ ११:१६सूरए मरियम, मक्की सूरा है। इसमें बहुत सी शिक्षाप्रद बातों का उल्लेख किया गया है।
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ईश्वरीय वाणी-३७
Apr १०, २०१६ १०:४८क़ुराने मजीद के सूरए नूर की 35वीं आयत में उल्लेख है कि ईश्वर आसमान और ज़मीन का नूर अर्थात प्रकाश है।
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ईश्वरीय वाणी-३६
Apr १०, २०१६ ०९:४६नूर पवित्र क़ुरआन का चौबीसवां सूरा है जो पैग़म्बरे इस्लाम के पलायन के बाद मदीने में पैग़म्बरे इस्लाम पर उतरा।
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ईश्वरीय वाणी-३५
Apr १०, २०१६ ०८:३८कहफ़ सूरे में कुल 110 आयतें हैं। पवित्र क़ुरआन के आकर्षक सूरों में से एक कहफ़ सूरा भी है।
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ईश्वरीय वाणी-३४
Apr १०, २०१६ ०८:३६सूरे इसरा में महान ईश्वर कहता है” आपके पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके अलावा किसी और की उपासना न की जाये और माता- पिता के साथ भलाई की जाये।