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मोबाइल पर अज़ान शुरू हुई, मेरा पूरा बदन कांपने लगा... मेरी आंखों से आंसू टपकने लगे
Jan २१, २०२१ १२:४५ताजिकिस्तान, सेंट्रल एशिया का एक ऐसा देश है, जिसमें मुसलमानों की आबादी 95 प्रतिशत है। इस देश के लोग भी पूर्व सोवियत संघ के अन्य देशों की तरह, सत्तर वर्षों तक कम्युनिस्ट शासन के दौरान धार्मिक संस्कारों को अंजाम देने से वंचित रहे।
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जल संकटः दुनिया में पानी की होती कमी, इस महा संकट से निपटने के लिए हमे क्या करना चाहिए?
Jan २०, २०२१ ०९:५६दोस्तो आज पूरी दुनिया में किसी पर भी पानी की अहमियत की बात छिपी नहीं है। यहां पर इस बात का उल्लेख आवश्यक है कि पानी की बचत के साथ साथ इसके समाधान पर भी ध्यान देना आवश्यक है। अतीत में यह कल्पना की जाती थी कि दुनिया में पानी के स्रोत असीमित हैं लेकिन आज दुनिया के ज़्यादातर देशों ने पानी के स्रोतों के सीमित होने के विषय को समझ लिया है और उन्होंने पानी बचाव की शैली पर काम करना भी शुरु कर दिया है।
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दिल की बीमारी आज भी बहुत बड़ी संख्या में लोगों की जानें ले रही है, इस बीमारी के बारे में कुछ काम की बातें
Jan १४, २०२१ १२:२८ज्ञान विज्ञान में चिकित्सा विज्ञान जितनी मानव समाज की सेवा करता है उतना शायद ही कोई अन्य क्षेत्र कर सकता हो। चिकित्सा के क्षेत्र में वैकसीन और नयी नयी दवाएं बनीं जिसकी वजह से बहुत से रोगों से लड़ना संभव हुआ है।
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किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद इस्तेमाल की जाने वाली ख़ास दवा, ईईजी मशीन, बच्चों और वृद्धों के लिए ख़ास पोशाक...ईरान की कई वैज्ञानिक उपलब्धियां
Jan १३, २०२१ ११:५१विज्ञान के मैदान में ईरान की तरक़्क़ी का सफ़र जारी है। कुछ उपलब्धियों की ओर इशारा करना चाहते हैं।
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ईरान का सुंदर शहर बाबुल
Jan ११, २०२१ १३:००माज़न्दरान प्रांत का बाबुल शहर नींबू की तरह खट्टे फल नारंज और मिट्टी के सूखे बर्तनों के लिए प्रसिद्ध है। बाबुल माज़न्दरान प्रांत के प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण शहरों में से एक है। प्राचीन काल में इस शहर को मामतीर कहा जाता था और चौदहवीं शताब्दी में यहां के बाज़ारों में भारी रौनक़ और चहलपहल की वजह से यह बिक्री के केन्द्र या होल सेल सेन्टर के नाम से भी प्रसिद्ध था और 1933 में इसका नाम बदलकर बाबुल कर दिया गया।
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दुनिया के सामने मुंह खोले खड़ा है जलसंकट, मनुष्यों के लिए 2030 होगा बहुत ख़तरनाक, अगर होशियारी नहीं दिखाई तो...
Jan ०९, २०२१ १६:२३दुनिया के सामने मुंह खोले खड़ा है जलसंकट, मनुष्यों के लिए 2030 होगा बहुत ख़तरनाक, अगर होशियारी नहीं दिखाई तो...
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क्या पानी के लिए जंग अब कल्पना के बजाए ज़मीनी सच्चाई बनती जा रही है? जल संकट पर एक और विशेष पेशकश
Jan ०३, २०२१ १६:२४अमरीकी लेखक माइकल टी क्लार ने सन 2001 में एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था " तनाव का नया भुगोल "। इस लेख में उन्होंने विश्व वासियों को इस प्रकार से चेतावनी दी थीः निकट भविष्य में झड़पों के इलाक़े वह इलाक़े होंगे जहां प्राकृतिक संसाधन अधिक होंगे।
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पृथ्वी पर गहराता जल संकट, समस्या का न हुआ समाधान तो होगा न ख़त्म होने वाला युद्ध+ वीडियो
Dec ३०, २०२० १३:११यदि आप धरती को ऊपर से, बहुत ऊपर से देखें तो आप को नीले रंग का एक गोला नज़र आएगा, हम सब को मालूम है कि धरती को नीला रंग, धरती पर मौजूद पानी ने दिया है। धरती का अधिकांश भाग नदियों और समुद्रों से ढंका हुआ है। धरती का कुल क्षेत्रफल 510 मिलयन वर्गकिलोमीटर है और उसमें से 361 मिलयन वर्ग किलोमीटर, पर पानी की चादर बिछी है।
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हार्ट अटैक से हृदय को अगर नुक़सान पहुंच गया है तो उसके इलाज का एक अच्छा रास्ता खोजा गया है
Dec २०, २०२० १३:००इस लेख में हम नैनो टेक्नॉलोजी के क्षेत्र में ईरान की कुछ उपलब्धियों के बारे में बताएंगे। जैसे ऐंटी सेप्टिक स्प्रे, नैनो टेक्नॉलोजी की मदद से बनने वाला फ़ायर प्रूफ़ धागा और मकई के तेल से बनने वाली पैकिंग।
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जंग का एक बड़ा कारण पानी बन सकता है, दाइश ने ख़ास तौर पर जल संसाधनों पर क़ब्ज़ा किया था...सीरिया संकट की शुरुआत की वजह बना था पानी
Dec १४, २०२० ११:५८युद्ध वास्तव में एक भयानक न्रास्दी है जो वास्तव में जीवन के मूल भूत ढांचे को ही निशाना बनाती है और उसे पूरी तरह से तबाह कर देती है। अब तक हम ने विभिन्न प्रकार के युद्ध देखे हैं।