माहशहर
वैश्विक आंकड़ों के आधार पर मध्यपूर्व की 24 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल क्षमताओं पर ईरान का अधिकार है।
वैश्विक आंकड़ों के आधार पर मध्यपूर्व की 24 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल क्षमताओं पर ईरान का अधिकार है। अनुमान यह लगाया जा रहा है कि वर्ष 2016 तक ईरान के पेट्रोकेमिकल उत्पादन की क्षमता दस करोड़ टन तक पहुंच जाएगी और इसके निर्यात से लगभग 20 अरब डॉलर की आय हासिल होगी जिससे ईरान में पेट्रोकेमिकल उद्योग के विकास और इसके फलने फूलने की अहमियत का पता चलता है। इसी प्रकार विश्व मंडी में पेट्रोकेमिकल उत्पाद की स्थिति का भी पता चलता है।
सबसे पहले आपको ईरान के पेट्रोकेमिकल उद्योग के विस्तार के केन्द्र माहशहर ज़िले के बारे में बताने जा रहे हैं।
माहशहर ज़िले का क्षेत्रफल लगभग 7304 वर्ग किलोमीटर है। यह ख़ूज़िस्तान प्रांत के दक्षिण-पूर्व में मूसा खाड़ी के पास स्थित है जहां से फ़ार्स की खाड़ी का रास्ता है। यह ज़िला समुद्र की सतह से 3 मीटर ऊंचाई पर है। इसके तीन भाग हैं। एक केन्द्रीय दूसरा इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह और तीसरा हेन्दीजान है। राजधानी तेहरान से माहशहर बंदरगाह की दूरी लगभग 1032 किलोमीटर है। माहशहर की जलवायु आर्द्र रहती है और गर्मी के मौसम में तापमान 48 डिग्री तक पहुंच जाता है और साल में इसका औसत तापमान 24 डिग्री सेन्टीग्रेड तक रहता है। माहशहर पहले बंदर मअशूरा के नाम से जाना जाता था और यह फ़ार्स की खाड़ी के तट पर स्थित सबसे पुरानी बंदरगाहों में से एक बंदरगाह है। 1960 में इसका नाम बदला गया गया है। माशहर बंदरगाह के दो भाग हैं एक पुराना और दूसरा नया। माहशहर बंदरगाह के नए भाग को तेल के निर्यात के लिए बनाया गया है और ख़ार्क द्वीप के तेल प्रतिष्ठान से पहले तक यह तेल के निर्यात की सबसे बड़ी बंदरगाह थी। माहशहर बंदरगाह के नए भाग और पुराने भाग के बीच 3 किलोमीटर की दूरी है। ज़्यादातर लोग पुराने भाग में रहते हैं और इसी भाग में सरकारी कार्यालय भी हैं।
मूसा खाड़ी की आर्थिक दृष्टि से बहुत फ़ायदे के मद्देनज़र, ईरान की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल कंपनी ने 1991 में पेट्रोकेमिकल उद्योग में विस्तार की कोशिश शुरु की जिसके नतीजे में माहशहर में आर्थिक विकास हुआ और इसकी आबादी भी बढ़ी है। माहशहर के उपनगरीय भाग में ज़ोहरा और मारून नामक नदियां बहती हैं। प्राचीन आस्क नगर, सालहक प्राचीन गांव और बासीफ़ प्राचीन क़िला, माहशहर के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवशेष हैं।
माहशहर बंदरगाह में तेल निर्यात के प्रतिष्ठान के अलावा, तरल गैस के कारख़ाने और इस बंदरहगाह से गैस के निर्यात तथा इस बंदरगाह से 20 किलोमीटर पर पेट्रोकेमिकल के विशाल प्रतिष्ठान ने भी इसकी अहमियत बढ़ा दी है।
फ़ार्स की खाड़ी के पश्चिमोत्तर में स्थित इमाम ख़ुमैनी बंदरगाही शहर आबादान, ख़ुर्रमशहर से 90 किलोमीटर पूरब में तथा अहवाज़ के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह प्राकृतिक दृष्टि से भी विकास की संभावनाओं से संपन्न है।
इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह मूसा खाड़ी के जलमार्ग से फ़ार्स खाड़ी से मिली हुयी है। माहशहर बंदरगाह जाने वाले तेल पोत को मूसा खाड़ी से होकर गुज़रना पड़ता है। यह जलमार्ग, महत्वपूर्ण जलमार्गों में से है और माहशहर तथा इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह जाने वाले 1 लाख टन की क्षमता वाले जहाज़ इस जलमार्ग से गुज़र सकते हैं।
इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह में 36 गोदी है और यह ईरान की सबसे बड़ी बंदरगाह है। संक्षेप में यह कि ईरान आने वाले सबसे बड़े जहाज़ इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह पर लंगरअंदाज़ होते हैं। इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह के निवासी 1973 में सरबंदर शहर स्थानांतरित हो गए और इस बंदरगाह पर रहने वाले ज़्यादातर लोग स्थानीय नहीं हैं। इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह पर हर साल 40 लाख टन से ज़्यादा सामान लादा और उतारा जाता है। इस बंदरगाह में 10 लाख टन माल रखने की क्षमता है।
हालिया वर्षों में पेट्रोकेमिकल उद्योग में विकास के चलते इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह का भी बहुत विकास हुआ है।
ईरान के पश्चिमोत्तर में फ़ार्स की खाड़ी के तट पर स्थित माहशहर ज़िले में लगभग 2600 हेक्टर के क्षेत्रफल पर पेट्रोकेमिकल आर्थिक क्षेत्र है। इस क्षेत्र को उद्योग और व्यापार ख़ास तौर पर पेट्रोकेमिकल एवं उससे जुड़े उद्योगों के विकास, आर्थिक हितों की पूर्ति, नए प्रौद्योगिकी लगाने और रोज़गार सृजन के उद्देश्य से वजूद दिया गया है। भौगोलिक दृष्टि से यह इलाक़ा इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह से आज़ाद अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र और रेल मार्ग से तुर्की, यूरोप और मध्य एशिया तक पहुंच रखता है। यह इलाक़ा ईरान के तेल व गैस से संपन्न क्षेत्रों में एक प्रभावी संचालन केन्द्र का स्थान रखता है।
इस वक़्त ईरान में तेल और पेट्रोकेमिकल उद्योग का बड़ा भाग पेट्रोकेमिकल विशेष आर्थिक क्षेत्र के पास स्थित है यह पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के डाउनस्ट्रीम उद्योग के लिए कच्चे माल की आपूर्ति का सबसे बड़ा स्रोत बनने की क्षमता रखता है। इस विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित केन्द्र इस प्रकार हैं, इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान बी आई पी सी, राज़ी पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान आर पी सी, फ़ाराबी पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान एफ़ पी सी, माशहर प्राकृतिक गैस रिफ़ाइनरी और ख़ूज़िस्तान पेट्रोकेमिकल कंपनी।
कार्यक्रम के इस भाग में आपको इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान के बारे बताने जा रहे हैं। इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान ईरान में इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद पेट्रोकेमिकल की चलने वाली सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है।
इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान, ईरान में पेट्रोकेमिकल का सबसे बड़ा प्रतिष्ठान है। यह प्रतिष्ठान इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह और माहशहर के बीच फ़ार्स खाड़ी के पश्चिमोत्तरी छोर पर 270 हेक्टर के क्षेत्रफल पर फैला हुआ है। यह पूर्व ईरान-जापान शेयर कंपनी का प्रतिष्ठान है जिसका निर्माण 1975 में शुरु हुआ था। ईरान में फ़रवरी 1979 में इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद, ईरान से जापानी ठेकेदारों व कर्मचारियों के निकल जाने से इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान पूरी तरह रुक गया हालांकि इस्लामी क्रान्ति की सफलता के समय इसका 73 फ़ीसद काम पूरा हो चुका था। यह प्रतिष्ठान ईरान पर इराक़ के सद्दाम शासन द्वारा थोपी गयी जंग के दौरान 20 हवाई हमले का निशाना बना और इससे इस प्रतिष्ठान को बहुत नुक़सान पहुंचा। 1989 में इस प्रतिष्ठान के पुनर्निर्माण का काम फिर से शुरु हुआ किन्तु वह जापानी कंपनी जिसके साथ समझौता हुआ था, इस परियोजना से बाहर निकल गयी। उसके बाद से इस कंपनी का नाम इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह पेट्रोकेमिकल पड़ गया। इस्लामी गणतंत्र ईरान के विशेषज्ञों ने इस प्रतिष्ठान के काम को पूरा करने का बीड़ा उठाया। इसी प्रकार इस प्रतिष्ठान का पुनर्निर्माण पांच साल में चार चरणों में यूरोपीय और ईरानी कंपनियों की भागीदारी से हुआ और आख़री चरण को ईरानी विशेषज्ञों ने बिना किसी विदेशी विशेषज्ञ की मदद से पूरा किया और इस प्रकार इस प्रतिष्ठान ने काम करना शुरु किया। इस प्रतिष्ठान को कच्चे पदार्थ की आपूर्ति, ईरान के आंतरिक स्रोतों से होती है।
आपको यह भी बताते चलें कि इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान के अंतर्गत अनेक कंपनियां काम करती हैं और विभिन्न प्रकार के उत्पाद उत्पादित करती हैं। इन उत्पादों की अनेक विशेषताएं हैं। ये उत्पाद तेल उद्योग, स्पात उद्योग, डिटर्जन्ट, पॉलिमर के उत्पाद के मूल पदार्थ, प्लास्टिक और फ़िल्म उद्योग, पेन्ट, गोंद और ईंधन के क्षेत्र में इस्तेमाल होते हैं। इस वक़्त इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान ईरान में हज़ारों कारख़ानों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति करता है। इन्हीं कारख़ानों में इस्फ़हान का पोलिएकरिलिक कारख़ाना है। यह कारख़ाना अकेले ईरान में सैकड़ों बुनाई के कारख़ानों को कृत्रिम धागे की आपूर्ति करता है।
इस बात का उल्लेख ज़रूरी है कि इमाम बंदरगाह पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान के निर्माण व डीज़ाइन में पर्यावरण के मानदंड को मद्देनज़र रखा गया है ताकि पर्यावरण को नुक़सान न पहुंचे। इसकी एक मिसाल यह है कि इस प्रतिष्ठान में औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ को नियंत्रित करने वाले यंत्र लगे हुए हैं। पर्यावरण के मानदंडों पर अमल करने के कारण इस प्रतिष्ठान के आस-पास के तालाब और नमक की झील विभिन्न प्रकार के परिन्दों का शरण स्थल बन गए हैं।
राज़ी पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान इमाम ख़ुमैनी बंदरगाह क्षेत्र में 80 हेक्टर के क्षेत्रफल पर फैला हुआ है। राज़ी पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान मूसा खाड़ी के पूर्वोत्तरी छोर पर स्थित है। यह प्रतिष्ठान अमोनिया, यूरिया खाद, सल्फ़रिक एसिड और डीअमोनियम फ़ॉस्फ़ेट की खाद का सबसे बड़ा कारख़ाना है। ये उत्पाद ईरान के भीतर की ज़रूरतों की पूरी करने के अलावा विश्व मंडी में भी बिकते हैं जिससे ईरान के पेट्रोकेमिकल उद्योगों को ज़रूरत की विदेशी मुद्रा मिलती है।