ईरान के तालाब - 2
ईरान में अनेक सुन्दर तालाब हैं।
ईरान के उत्तर में स्थित गुलिस्तान प्रांत में कई सुन्दर तालाब हैं। विशेष रूप से उनमें से आलागुल, आलमागुल और आजीगुल का नाम लिया जा सकता है। यह अद्भुत तालाब गुलिस्तान के उत्तर पूरब में तुर्कमेनिस्तान-ईरान सीमा के निकट तुर्कमन जंगल की समतल भूमि में स्थित है। इन तालाबों में अतरक नदी और आसपास के सोतों से पानी पहुंचता है।
कुछ भौगोलिक नक़्शों में इन तालाबों को झीलों का नाम भी दिया गया है, हालांकि रामसर कन्वेंशन की परिभाषा के अनुसार, इनकी गहराई 6 मीटर से कम होने की वजह से इन्हें ईरान के अंतरराष्ट्रीय तालाबों का नाम दिया गया है।
आलागुल, आलमागुल और आजीगुल तालाब, गुलिस्तान प्रांत के उत्तर पूरब में गुंबदे काऊस क़स्बे में स्थित हैं। इन तालाबों का क्षेत्रफल 1400 हेक्टेयर है, पानी जब ज़्यादा होता है तो आलागुल का क्षेत्रफल 2500 और आलमागुल का 307 और आजीगुल का 320 हेक्टेयर होता है, समुद्री सतह से उनकी ऊंचाई 5 मीटर होती है।
पूरी दुनिया में कुछ इलाक़ों और यहां तक कि कुछ इंसानों के नाम भौगोलिक इलाक़ों पर होते हैं। इन तीन तालाबों के नाम भी इसी तरह हैं। तीनों तालाबों के नाम के आख़िरी भाग में जो गुल लगा हुआ है, तुर्की में उसका अर्थ होता है ऐसी जगह जहां पानी जमा हो जाता है और आलागुल, आलमागुल व आजीगुल का तुर्कमन भाषा में अर्थ होता है ऐसा तालाब जिसमें खारा और कीचड़ भरा हो।
इन तीनों तालाबों में अतरक नदी और आसपास के सोतों से पानी आता है। इन्हें ऐसे तालाबों में गिना जाता है जो सूखे इलाक़े में होते हैं। इन तालाबों का पानी एक ही स्रोत से आता है और यह प्रवासी परिंदों का भी ठिकाना हैं, इसलिए 1976 में तालाबों की सुरक्षा के रामसर कन्वेंशन के तहत उनका पंजीकरण किया गया।
ज़ाहिरी रूप की दृष्टि से तालाब विविध प्रकार के होते हैं। आलागुल, आलमागुल और आजीगुल तालाबों का रूप भी एक दूसरे से अलग है। आजीगुल तालाब लम्बा तालाब है, जबकि आलागुल और आलमागुल वृत्त रूपी हैं। इसी प्रकार आजीगुल की औसत गहराई 1.5 मीटर है और इसके मध्य में गहराई 3 मीटर तक है। आलागुल और आलमागुल की औसत गहराई 2 मीटर तक है। तलछट के कारण इन आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
आलागुल, आलमागुल और आजीगुल तालाब अतरक नदी के पानी के साथ कीचड़ आने की वजह से मिट्टी और गाद से भरे हुए हैं। साल भर में यहां काफ़ी उतार चढ़ाव आता है, लेकिन इलाक़े के नर्म मौसम की वजह से यह पूरी तरह से सूखते नहीं हैं और सर्दी के मौसम में पानी की सतह जमती नहीं है, इसी विशेषता के कारण इन तालाबों में प्रवासी परिंदे आते हैं। आजीगुल का पानी नमकीन और खारा है, आलागुल का पानी थोड़ा नमकीन है, जबकि आलमागुल का पानी मीठा है। इसी कारण इन तालाबों में विभिन्न प्रकार के जीव जंतु रहते हैं।
तालाबों में पारिस्थितिक विशेषताएं भी पायी जाती हैं। इन तीन तालाबों में बांस इत्यादि जलीय वनस्पतियां होती हैं और यह आलागुल औऱ आलमागुल की तुलना में आजीगुल में अधिक मात्रा में हैं। यह जलीय वनस्पतियां जलीय और तटीय परिंदों के अंडे देने के लिए उचित वातावरण उत्पन्न करती हैं।
उचित वनस्पतियों के कारण, प्रवासी परिंदे बड़ी संख्या में इन तालाबों में समय गुज़ारते हैं। फ़्लैमिंगो, जल मुर्ग़ाबी, पेलिकन, हंस, सफ़ैद बत्तख़ें और विभिन्न प्रकार के अन्य परिंदे वहां पहुंचते हैं।
गुंबदकाऊस में पर्यावरण की रक्षा विभाग के प्रमुख के अनुसार, प्रतिवर्ष उत्तरी साइबेरिया के प्रवासी परिंदे यहां पहुंचते हैं। अब तक इन तालाबों में 85 प्रजातियों के परिंदों की पहचान हो चुकी है, जिनमें 19 प्रकार के स्थानीय और 66 प्रकार के प्रवासी परिंदे शामिल हैं। प्रवासी परिंदों में से 14 प्रकार के परिंदे इस मार्ग से होकर गुज़र जाते हैं और बाक़ी इन तालाबों में सर्दियां गुज़ारते हैं या गर्मियों में यहां अंडे देते हैं। इन तालाबों में स्तनधारी जानवर भी रहते हैं। सूअर, लौमड़ी, बिल्ली, भेड़िया, सियार समेत कई प्रकार के जानवर यहां पाए जाते हैं। इन तालाबों में पायी जाने वाली मछलियों में रोमा, ओरैंज और ग्लास फ़िश का नाम लिया जा सकता है। पर्यावरण विभाग के अनुसार, साल में सीमित अवधि में ही यहां मछलियों के शिकार की अनुमति है।
आलागुल, आलमागुल और आजीगुल तालाब सूखे और रेगिस्तानी इलाक़े में स्थित हैं, इसीलिए केवल उनके किनारों पर घास फूस है। इन तालाबों में पायी जाने वाली वनस्पतियों में, ऑस्ट्रेलिस फ़्रेगमाइट्स, केरेक्स एस्पीपी, जन्कस एसपीपी और टमारिक्स एफ़िला शामिल हैं। इसी प्रकार, ब्लू यारोव, नॉटवीड, वाटर बटरकप और लॉल्ट ग्रास इत्यादि वनस्पतियां भी पायी जाती हैं।
जैसा कि हमने उल्लेख किया है कि अद्वितीय सुन्दरता एवं जैविक मूल्यों के अलावा, तालाबों के अधिक आर्थिक एवं सामाजिक लाभ भी हैं। आलागुल, आलमागुल और आजीगुल तालाब भी स्थानीय लोगों के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए कि स्थानीय पशुओं के लिए विशेष रूप से ऊंटों के लिए इनकी आवश्यकता है और इसी प्रकार परिंदों के शिकार और मछलियां पकड़ने के लिए भी इनका काफ़ी महत्व है।
इसी तरह से इन तालाबों के तटों पर जलीय गतिविधियां भी होती हैं। आलमागुल तालाब के पानी का कृषि में भी प्रयोग किया जाता है। इन तीन तालाबों की एक दूसरी महत्वपूर्ण भूमिका अतरक नदी में आने वाली मौसमी बाढ़ को नियंत्रित करना है। इकोटूरिज़्म की दृष्टि से भी इन तालाबों का बहुत महत्व है।
तालाबों के अत्यधिक महत्व और जीव जंतुओं एवं प्रवासी परिंदों के रहने के केन्द्र के रूप में ईरान के तालाबों की स्थिति और इसी प्रकार पर्यटकों के लिए उचित स्थल होने के मद्देनज़र इनके उचित प्रबंधन की ज़रूरत है। इसी उद्देश्य से पर्यवरण विभाग के सुरक्षाकर्मियों ने इन तालाबों के तटों पर स्थायी चेक पोस्टों की स्थापना की है और वे यहां पैट्रोलिंग भी करते हैं और प्रतिवर्ष इन तालाबों के परिंदों की गिनती भी होती है।
आलागुल, आलमागुल और आजीगुल तालाबों की प्राकृतिक क्षमताओं के अलावा, इन तक पहुंचने के लिए उचित मार्गों का होना, आसपास के क्षेत्र, जंगल का परिदृश्य, विस्तृत मैदान और स्थानीय एवं प्रवासी परिंदे और चिकित्सा उपयोगिताओं ने इन्हें ईरान में एक पर्यटन स्थल बना दिया है। इसी प्रकार, ईश्वरीय अनुंकपाओं के रूप में ईरान ने आलागुल, आलमागुल और आजीगुल तालाबों की सुरक्षा के लिए कुछ उचित क़दम उठाए हैं। आशा की जाती है कि इन क़दमों के परिप्रेक्ष्य में यह स्थल ईरान के सुन्दर पर्यटन स्थलों में परिवर्तित हो जायेंगे।