Feb ०६, २०१७ १७:१९ Asia/Kolkata

ईरान की आर्द्रभूमियों या वेटलैंडों में से एक, “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि है।

यह अन्तर्राष्ट्रीय वेटलैंड, ईरान के उत्तर में स्थित गीलान प्रांत में मौजूद है।  “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि, लंगरूद नगर से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर में स्थित है जबकि यह कैस्पियन सागर के दक्षिण पश्चिम में है।  “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि को पहले “शाले कुल” के नाम से पुकारते थे।  यह एसा वेटलैंड है जिसका पानी मीठा है।  यहां पर बड़ी संख्या में बांस पाए जाते हैं।  गीलान प्रांत की अन्य आर्द्रभूमियों की तुलना में अमीर कोलाये वेटलैंड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पानी मीठा है।  विश्व के दुर्लभ मीठे पानी वाले वेटलैंड में एक, “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि भी है।

अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण वेटलैंड, नाना प्रकार के प्राणियों का स्थाई और अस्थाई शरणस्थल होते हैं।  बहुत से प्रवासी पक्षी आर्द्रभूमियों को अपना दूसरा निवासस्थल मानते हैं।  इनकी एक विशेषता यह होती है कि जैव-विविधता में धनी होने के कारण यह अपने इर्दगिर्द के वातावरण को शुद्ध बनाए रखते हैं और क्षेत्र की धूल-मिट्टी को सोख लेते हैं।  दूसरे शब्दों में यह पर्यावरण के प्राकृतिक रक्षक होते हैं।

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गीलान में स्थित “अमीर कोलाये” नामक अन्तर्राष्ट्रीय आर्द्रभूमि, सर्दियों में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए उपयुक्त शरणस्थल है।  सर्दियों में वहां पर बड़ी संख्या में पक्षी पलायन करके आते हैं।  अन्तर्राष्ट्रीय रामसर संधि में “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि का पंजीकरण हो चुका है।  इसका क्षेत्रफल 1230 हेक्टेर है।  स्वतंत्र जल स्तर से इसका स्तर 20 मीटर नीचे है।

जैसाकि हमने पहले बताया कि “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि, मीठे पानी वाली स्थाई आर्द्रभूमि है जो इसकी एक प्रमुख विशेषता है।  इसमें झरनों, क़नात या भूमिगत नहरों और कृषि भूमियों में प्रयोग किया हुआ जल आता रहता है।  इसकी कुल लंबाई 5.4 किलोमीटर और चौड़ाई 7.1 किलोमीटर है।  इसकी औसतन गहराई 3 से 4 मीटर है।  यहां पर होने वाली वार्षिक वर्षा लगभग 1160 सेंटीमीटर बताई जाती है।  “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि का तापमान सामान्यतः 5.15 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है।  “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि का अतिरिक्त जल एक नहर के माध्यम से कैस्पियन सागर में चला जाता है।

“अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि में पाई जाने वाली वनस्पतियां, एसी हैं जो पानी की सतह पर तैरती दिखाई देती हैं जबकि कुछ एसी भी हैं जो पानी के भीतर ही रहती हैं।  दोनों प्रकार की वनस्पतियां, मानव के लिए लाभदायक होती हैं जबकि वे यहां पाए जाने वाले जीव-जंतुओं का आहार भी हैं।

वनस्पतियों की अधिक उपलब्धता के कारण आर्द्रभूमियां, जाड़े का मौसम व्यतीत करने के उद्देश्य से जल में वास करने वाले पक्षियों के लिए जहां उपयुक्त शरणस्थल है वहीं पर बहुत सी प्रजातियों के अंडे-बच्चे रखने का भी इन्हें स्थल माना जाता है।  “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि में 43 प्रकार की प्रजातियों के पक्षी रहते हैं जिनमें से 6, स्थानीय प्रजातियों के हैं। इनमें से कुछ तो जाड़े गुज़ारने आते हैं जबकि दूसरे गर्मियों का मौसम यहां पर व्यतीत करके चले जाते हैं।

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आर्द्रभूमियों में विभिन्न प्रकार के हंस, कलहंस, बगुलों और बत्तख़ों के अतरिक्त अन्य प्रकार के भी बहुत से पक्षी पाए जाते हैं।  इन भूमियों में जहां पर नाना प्रकार के पक्षी वास करते हैं वहीं पर इनके किनारे बहुत से स्तनधारी पशु भी देखे जा सकते हैं जैसे जंगली बिल्ली या इसी प्रकार के बहुत से अन्य पशु।  अमीर कोलाये आर्द्रभूमि के जल में विभिन्न प्रजातियों की मछलियां भी मौजूद हैं।  बहुत से जानकारों का कहना है कि यहां पर मछलियों की कुछ एसी दुर्लभ प्रजातियां भी हैं जिनका अन्य स्थानों पर मिलना लगभग असंभव है।

अमीर केलाए वेटलैंड की दक्षिण पश्चिमी पट्टी पर Centella सेन्टेला नामक वनस्पति और इसकी पूर्वोत्तरी पट्टी पर बहुत बड़ी मात्रा में रैंडीग्रास नामक वनस्पति पाई जाती है।  इसके खुले क्षेत्रों में पानी के भीतर और पानी की ऊपरी सतह पर तैरने वाली कई वनस्पतियां पाई जाती हैं।

पानी में पैदा होने वाला पिस्ता भी आर्द्रभूमियों में पाया जाता है जिसे स्थानीय भाषा में “सालेबाक़ेली” कहते हैं।  यह वास्तव में पानी पर तैरती हुई बेल है जो देखने में बहुत सुन्दर लगती है।  इसके बहुत से उपचारिक लाभ भी हैं।  पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में इसका अभी भी प्रयोग किया जाता है।

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सन 1971 में “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जा चुका है।  एक वर्ष के बाद अर्थात 1972 में यहां के लगभग 1230 हेक्टर क्षेत्र को जंगली पशुओं के संरक्षित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था।  सन 1976 में इसको रामसर अन्तर्राष्ट्रीय संधि में पंजीकृत किया गया।  अमीर कोलाये वेटलैंड के इर्दगिर्द रहने वाले ग्रामवासियों ने पक्षियों के शिकार के उद्देश्य से यहां पर मचानें या घासभूस के छोटे-छोटे कमरे से बना लिए थे जहां से छिपकर वे पक्षियों का शिकार किया करते थे।  ईरान की पर्यावरण संस्था ने पर्यावरण संबन्धी ख़तरों के दृष्टिगत सन 1993 तक यहां पर बने हुए  हुई इस प्रकार के सारे मचानों को नष्ट कर दिया।  वर्तमान समय में इस स्थान पर पर्यावरण का कार्यालय स्थापित है।  इस क्षेत्र की सुरक्षा, पर्यावरण विभाग के प्रहरी करते हैं।

जल प्रदूषण से मुक्त बनाने के अतिरिक्त आर्द्रभूमियां, पानी के संरक्षण का प्रमुख स्रोत होती हैं।  अमीर कोलाये आर्द्रभूमि का आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी विशेष महत्व है।  यहां पर प्राकृतिक स्रोतों का भण्डार है।  इस वेटलैंड के पानी से निकटवर्ती क्षेत्र के खेतों की सिंचाई की जाती है।  यही कारण है कि यहां पर रहने वालों के निकट इसका विशेष आर्थिक महत्व है।  इस वेटलैंड के प्राकृतिक दृष्यों के कारण यहां पर बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं।

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अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि न केवल गीलान प्रांत की बल्कि ईरान की बहुत ही महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि है।  यह आर्द्रभूमि एक हिसाब से पर्यावरण की बहुत बड़ी संरक्षक है।  इसको एको-टूरिज़्म का भी बहुत बड़ा कारक माना जाता है।  यही कारण है कि यहां पर वास करने वाले पक्षियों और इसमें पाई जाने वाली वनस्पतियों की सुरक्षा के लिए विशेष क़दम उठाए गए हैं।

जो पर्यटक “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि को निकट से देखना चाहते हैं वे चमख़ाले-कियाशहर राजमार्ग से इस वेटलैंड तक पहुंच सकते हैं।  इस वेटलैण्ड से सटे हुए अमीर कोलाये नामक गांव में पर्यावरण संस्था की एक चेक पोस्ट है।  यहां से इस वेटलैंड को निकट से देखकर या उसके भीतर जाकर आनंद लेने के लिए उचित प्रबंध किये गए हैं।

यहां पर आने वाले पर्यटक अपनी इच्छानुसार यहां पर बनाए गए आधुनिक या पारंपरिक घरों में रह सकते हैं।  सामान्यतः पर्यटक उन घरों में रहने को प्राथमिकता देते हैं जो आर्द्रभूमि के किनारे बनाए गए हैं।  “अमीर कोलाये” आर्द्रभूमि के निकट लाहीजान और लंगरूद नगर स्थित हैं।  प्राकृतिक दृष्यों से संपन्न इन नगरों में ठहरकर पर्यटक, प्रकृति का आनंद लेते हुए अपनी यात्रा को अधिक आकर्षक बना सकते हैं।  

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