Mar १२, २०१७ १७:२७ Asia/Kolkata

माज़न्दरान प्रांत उत्तरी ईरान के हरे भरे प्रांतों में है जो माज़न्दरान सागर के किनारे स्थित है।

माज़न्दरान ईरान का एक मात्र ऐसा प्रांत हैं जो तीन मार्गों हेराज़, कंदवान तथा सवादकूह के माध्यम से देश की राजधानी से जुड़ा है। इस प्रांत में तीन हवाई अड्डे दश्तेनाज़े सारी, नौशहर तथा रामसर हैं जहां से राजधानी तेहरान का सीधा हवाई संपर्क है। उत्तरी ईरान की रेलवे ही ईरान के महत्वपूर्ण रेलवे मार्गों में है। यह रेलवे लाइन भी माज़न्दरान से गुज़रती है। इसके अलावा तटीय पट्टी के रूप में रामसर से बाबुलसर तक का 220 किलोमीटर लंबा राजमार्ग भी इस क्षेत्र की शोभा बढ़ाता है। समुद्र तट से इस मार्ग की दूरी 10 से 30 मीटर है। माज़न्दरान सागर जिसके कैस्पियन सागर और क़ज़वीन सागर सहित कई नाम हैं अनेक प्रकार की मछलियों तथा अन्य खाद्य पदार्थों से संपन्न है जिनमें केवियर का नाम भी लिया जा सकता है। इसके अलावा यहां इतने अधिक पर्यटक आकर्षण हैं कि सारी दुनिया में इसे विशेष स्थान प्राप्त हो गया है। दमावंद चोटी जिसे ईरान की छत कहा जाता है इसी क्षेत्र में स्थित है और इसे भी इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण आकर्षणों में गिना जाता है और इसे विश्व ख्याति प्राप्त है।

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माज़न्दरान प्रांत में ऐतिहासिक स्थल, सांस्कृतिक धरोहरें और प्राकृतिक आकर्षण बहुत अधिक हैं। प्राकृतिक आकर्षणों में तालाबों का महत्वपूर्ण स्थान है। माज़दरान में तीन प्रकार के तालाब हैं। जंगली तालाब, अंतर्राष्ट्रीय तालाब तथा खुदाई करके बनाए गए तालाब। रामसर कन्वेन्शन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 24 तालाबों का पंजीकरण किया गया है जिनमें दो तालाब माज़न्दरान के हैं। इन दो तालाबों में आबबंदहाए फ़रीदूनकेनार या अज़ बारान या सुर्ख़े रूद है जिसे तालाबे फ़रीदूनकेनार के नाम से ख्याति प्राप्त है। दूसरा तालाब म्यानकाले प्रायद्वीप, या गुरगान खाड़ी या आब बंदाने लपूज़ अग़मज़ है जो तालाबे म्यानकाले के नाम से  प्रसिद्ध है। यह दोनों तालाब इस क्षेत्र की शोभा बढ़ाते हैं। आज के कार्यक्रम में हम आपको फ़रीदूनकाले तालाब के बारे में बताएंगे।

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फ़रीदूनकाले तालाब कैस्पियन सागर के दक्षिण में फ़रीदूनकेनार शहर से 3 किलोमीटर तथा बाबुलसर से 13 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में स्थित है। यह तालाब 5427 हेक्टेयर का है और समुद्र तल से यह 23 मीटर नीचे है। फ़रीदूनकाले तालाब आर्टीफ़िशियल तालाब है इसका पानी मीठा और गहराई कम है। यह तालाब वास्तव में कई तालाबों से मिलकर बना है जिन्हें खेती के मौसम में जो बसंत ऋतु के आरंभ से गर्मी के आख़िर तक होता है और इस दौरान चावल की खेती की जाती है। धान की फ़सल कट जाने के बाद ज़मीनों में पानी भर दिया जाता है जिसके बाद बड़ी संख्या में मुर्ग़ाबियां आती हैं और उनका शिकार किया जाता है।

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जाड़े के मौसम में यहां बहुत से पक्षी आते हैं जिनमें साइबेरियन क्रेन सबसे प्रमुख है। फ़रीदूनकाले तालाब चूंकि बड़ी अनुकूल परिस्थितियां रखता है और साइबेरियन क्रेन के लिए जाड़े का मौसम बिताने का यह बहुत उचित स्थान है इस लिए इसे वर्ष 2003 में रामसर कन्वेन्शन में महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय तालाब के रूप में पंजीकृत किया गया है।

फ़रीदूनकाले तालाब में बत्तखें, हंस, बगले और पानी के किनारे जीवनयापन करने वाले अनेक पक्षी दिखाई देते हैं जो जाड़े की मौसम में भारी संख्या में इस तालाब में दिखाई देते हैं। फ़रीदूनकाले तालाब तथा इससे लगे धान के खेत पलायनकर्ता जलपक्षियों के लिए जाड़े का मौसम बिताने के लिए बहुत अच्छे स्थान हैं।  साइबेरियन क्रेन के अलावा फ़रीदूनकेनार तालाब में तीस से अधिक प्रकार के पलायनकर्ता पक्षी दिखाई देते हैं। इन में तीन प्रकार के पलायनकर्ता पक्षी ऐसे हैं जो अपनी यात्रा के दौरान इस तालाब से गुज़रते हुए जाते हैं जबकि अन्य पलायनकर्ता पक्षी इस तालाब में जाड़े का मौसम बिताते हैं।

बसंत से लेकर गर्मी के मौसम के अंत तक फ़रीदूनकेनार तालाब का पूरा क्षेत्र चावल की खेती के काम आता है। फ़रीदूनकेनार तालाब कई शिकारगाहों पर आधारित है और हर शिकारगाह को ऊंचे पेड़ों से घेर दिय गया है। भूवनस्पति की दृष्टि से देखा जाए तो इस क्षेत्र में पाए जाने वाले जंगली पेड़ भूशास्त्र के तीसरे काल से संबंधित हैं। इस क्षेत्र के जंगल का बहुत बड़ा भाग नष्ट हो चुका है तथा वहां अब खेती की जाती है। इस क्षेत्र की जलवायु गर्मी में गर्म और आर्द्र होती है जबकि जाड़े में संतुलित होती है।

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इस क्षेत्र में पाए जाने वाले पेड़ों और वनस्पतियों में कैरपीनस बेट्युलस, फ़्रैक्सीनस एक्सेल्सियर, कप्पाडोसिकम, बीच, सेल्टिस आस्ट्रालिस, हीरकैनम, बक्सस, बेबीलोनिका, ओक, लिंडन्स, अंजीर, टीरोकैरिया प्रमुख हैं जबकि तालाब के किनारे से लेकर टीलों के पीछे तक नरकुल की झाड़ियां हैं। यहा सेवाल भी पाया जाता है।  

ईश्वर की दी हुई नेमतों की सुरक्षा के लिए कभी कभी यह ज़रूरी हो जाता है कि आम इंसानों द्वारा उनके प्रयोग के संबंध में कुछ सीमाएं और नियम निर्धारित किए जाएं। ताकि इन संसाधनों की रक्षा भी होती रहे और साथ ही लोग हमेशा इन संसाधनों से लाभ उठाते रहें तथा वहां की ताज़गी और और सुदंरता से आनंदित होते रहें।

फ़रीदूनकेनार तालाब के पूरे क्षेत्र को पर्यावरण संस्था ने शिकार वर्जित क्षेत्र घोषित कर दिया है पक्षियों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने फ़रीदूनकेनार तालाब को मध्यपूर्व में पक्षियों के महत्वपूर्ण जीवन स्थल के रूप में पंजीकृत किया है।

फ़रीदूनकेनार तालाब का बहुत अधिक सामाजिक और आर्थिक महत्व भी है। साल के अलग अलग मौसमों में इस क्षेत्र में अनेक प्रकार की मुर्ग़ाबियां आती हैं जिनका स्थानीय लोगों के लिए बहुत अधिक महत्व है। शिकार वर्जित क्षेत्र के बाहर के क्षेत्रों में भी भारी संख्या में पक्षी पूरे साल दिखाई देते हैं। इस लिए इन क्षेत्रों का शिकार की दृष्टि से भी बहुत अधिक महत्व है। खेती के मौसम में इस पूरे क्षेत्र में चावल बोया जाता है। इस क्षेत्र में इकोटूरिज़्म की दृष्टि से अपार क्षमताएं मौजूद हैं।

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फ़रीदूनकेनार तालाब के क्षेत्र में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक नज़र आते हैं। यह तालाब प्रकृतिक सुंदरता की दृष्टि से भी और विभिन्न प्रकार के पक्षियों का जीवन स्थल होने की दृष्टि से भी बहुत सुंदर है और प्रकृति से लगाव रखने वाले पर्यटकों का यहां जमावड़ा रहता है। फ़रीदूनकेनार तालाब जाने के लिए फ़रीदूनकेनार-आमुल रोड से गुज़रना होता है। इसी तरह बाबुलसर-बाबुल राजमार्ग से भी फ़रीदूनकेनार तालाब पहुंचा जा सकता है। बाबुलसर और फ़रीदूनकेनार के दो तीन किलोमीटर दक्षिण में एक रास्ता है जो तालाब के पास से गुज़रता है।

इस तालाब की यात्रा पर जाना हो तो ऊंचे जूतों और वाटर रेज़िस्ट कपड़ों की ज़रूरत पड़ती है। तालाब के किनारे किनारे बक्सस, बेबीलोनिका, ओक, लिंडन्स, अंजीर, टीरोकैरिया जैसे अनेक प्रकार के वृक्ष हैं। जाड़े के मौसम में तालाब का पानी बहुत अधिक हो जाता है तथा कुछ स्थानों पर इसकी गहराई दो मीटर तक होती है।

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अज़बारान और सूते गांवों के आस पास भारी संख्या में पक्षियों का एकत्रित होना, शनिवार को लगने वाला साप्ताहिक बाज़ार भी इस क्षेत्र के पर्यटक आकर्षणों में हैं। फ़रीदूनकेनार तालाब साइबेरियन क्रेन का जीवन स्थल है यहां अनेक प्रकार की वनस्पतियां और पक्षी होते हैं। इसे उत्तरी ईरान के समृद्ध इकोसिस्टम के रूप में देखा जाता है।   

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