Mar ०२, २०१९ १३:५७ Asia/Kolkata

दुनिया में धन का बहुत महत्व है लेकिन कुछ लोग धन ही को सब कुछ समझ लेते हैं।

वास्तव में संसार में धन का नहीं ज्ञान का महत्व है। पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम ने बताया है कि एक ज्ञानी ने ज्ञान प्राप्त करने के लिए लंबी यात्रा की, उसने एक ज्ञानी के पास जाकर कुछ प्रश्न पूछने के लिए इतनी लंबी यात्रा की थी जब उस ज्ञानी के पास पहुंचा तो उस राही ने ज्ञानी से सात सवाल पूछे। उसने पूछाः हे ज्ञानी यह बताओ कि वह कौन सी चीज़ है जो आकाश से ऊंची, धरती से अधिक व्यापक और बड़ी है? फिर पूछा वह कौन सी चीज़ है जो समुद्र से अधिक समृद्ध और पत्थर से अधिक कठोर है? इसी तरह वह कौन सी चीज़ है जो आग से ज़्यदा गर्म और ज़महरीर से भी अधिक ठंडी है। वह कौन सी चीज़ है जो पहाड़ों से अधिक भारी है? उसके प्रश्न पर ज्ञानी ने कहा कि सत्य और सत्यता आकाश से ऊंची है और न्याय, धरती से अधिक व्यापक है। संतोष, समुद्र से अधिक समृद्ध है क्योंकि लोभ अगर मन में न होगा तो वही सब से बड़ा धनवान है। ज्ञानी ने कहा कि नास्तिक का दिल , पत्थर से अधिक कठोर होता है क्योंकि उस पर ईश्वरीय तेज का भी प्रभाव नहीं पड़ता। मनुष्य के दिल में पकने वाली लोभ की आग, आगे से भी अधिक गर्म होती है और ईश्वरीय कृपा से निराशा, ज़महरीर से भी अधिक ठंडी है और अन्य लोगों पर आरोप लगाना, पहाड़ों से अधिक भारी है।

हज़रत अली अलैहिस्सलाम से पूछा गया कि ज्ञान अच्छा है या धन? तो हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने कहा कि ज्ञान बेहतर हैं क्योंकि ज्ञान तुम्हारी रक्षा करता है जबकि धन की रक्षा तुम करते हो। एक दूसरे व्यक्ति ने फिर वही सवाल दोहराया तो हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने कहा कि ज्ञान बेहतर है क्योंकि ज्ञानी के बहुत दोस्त होते हैं और धनवान के बहुत दुश्मन होते हैं। तभी एक अन्य व्यक्ति मस्जिद में आया और उसने भी वही सवाल किया तो हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने कहा कि ज्ञान बेहतर है क्योंकि धन बांटने से खत्म होता है और ज्ञान बांटने से बढ़ता है। एक अन्य व्यक्ति ने भी यही सवाल किया तो हज़रत अली अलैहिस्लाम ने कहा कि ज्ञान बेहतर है क्योंकि धन लूटा जा सकता है जबकि ज्ञान को कोई छीन नहीं सकता। एक और व्यक्ति ने यही सवाल किया तो हज़रत अली ने कहा ज्ञान बेहतर है क्योंकि धन समय के साथ पुराना और कम हो जाता है मगर ज्ञान पुराना नहीं होता बढ़ता है। फिर एक व्यक्ति ने यही सवाल दोहराया तो हज़रत अली ने  कहा कि ज्ञान बेहतर है क्योंकि इन्सान की मौत से धन का साथ छूट जाता है मगर ज्ञान इस दुनिया में  ज्ञानी को बाकी रखता है और परलोक में भी ज्ञान उसके साथ जाता है।   (Q.A.)