Apr ११, २०१६ ११:५७ Asia/Kolkata
  • अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन दिवस

अंतर्राष्टीय पर्यटन संगठन W.T.O की ओर से २७ सितंबर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दिवस का नाम दिया गया है।

इस वर्ष यह संगठन विश्व के विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में २७ सितंबर को "पर्यटन, स्थाई ऊर्जा और टिकाऊ विकास" के नारे के साथ स्पेन में अपनी बैठक करेगा। इस नामकरण का मुख्य कारण यह है कि राष्ट्रसंघ ने भी इस वर्ष का नारा "टिकाऊ ऊर्जा का वर्ष सबके लिए" दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O ने वर्ष १९७५ में आधिकारिक रूप से ५० देशों की सदस्यता के साथ विश्व में पर्यटन के सबसे बड़े ज़िम्मेदार व केन्द्र के रूप में अपना कार्य आरंभ किया। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O का एक मुख्य कार्य विश्व के लोगों के मध्य संबंध स्थापित करना और पर्यटन उद्योग के स्तर को बेहतर बनाना है।

पर्यटन उद्योग के विभिन्न आयामों से परिचित कराना, आर्थिक, सांस्कृतिक, और सामाजिक लाभों तथा इस उद्योग के दूसरे आयामों को बयान करना और विस्तृत पैमाने पर कार्यक्रम बनाने की आवश्यकता है। प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O के सदस्य अपने दृष्टिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न सेमिनारों और कांफ्रेन्सों का आयोजन करके उसमें निर्णय लेते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में W.T.O के सचिवालय और इसके सदस्यों ने वर्ष १९८० से एक व्यापक संदेश निर्धारित करके विश्व के आमजनमत को पर्यटन की ओर आकर्षित करने का प्रयास आरंभ कर दिया है। इसी प्रकार अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.o ने सरकारों, मेज़बान समाजों, विश्व विद्यालयों तथा इस विषय से संबंधित दूसरे केन्द्रों को प्रोत्साहित करना आरंभ कर दिया है ताकि इस प्रकार से पर्यटन को लोगों के दिनचर्या में शामिल किया जा सके। इस आधार पर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O की ओर से प्रतिवर्ष एक संदेश की घोषणा की जाती है और इसके समस्त सदस्य देश इसी संदेश के परिप्रेक्ष्य में अगले वर्ष के लिए पर्यटन उद्योग के बारे में कार्यक्रम बनाते और उसे लागू करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O ने जारी वर्ष में पर्यटन के संबंध में कांफ्रेन्स आयोजित करने हेतु इस संबंध में समस्त पूंजी लगाने और हर प्रकार की भूमिका निभाने वालों को आमंत्रित किया है ताकि ऊर्जा की आपूर्ति के लिए नई शैलियों व तकनीक के प्रयोग के बारे में विचारों का आदान प्रदान किया जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O के महासचिव तालिब रेफाई ने इसी उपलक्ष्य में पर्यटन उद्योग के संबंध में नई शैलियों के प्रयोग के महत्व की ओर संकेत करते हुए कहा कि पर्यटन उद्योग बहुत से आविष्कारों की अग्रिम पंक्त में है और ऊर्जा को स्थाई बनाने के उद्देश्य की पूर्ति में भी उसका प्रयोग होता है जैसे विमानों में पेट्रोल के प्रयोग को कम करने तथा विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में इकोग्रीन होटलों में विस्तार की ओर संकेत किया जा सकता है। तालिब रेफाइ ने इसी प्रकार आगे कहा" विमानों और पानी के जहाज़ों में प्रयोग होने वाले ईंधनों की फासिल ईंधन पर निर्भरता को कम करना रिसाइकल की जाने वाली वस्तुओं और ईंधनों का प्रयोग भी ऊर्जा आपूर्ति की प्रभावी शैलियों में से है। साथ ही दूसरे आविष्कार भी पर्यटन उद्योग विशेषकर स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग के संबंध में प्रस्तुत किये गये हैं।

९६० के दशक से अर्थशास्त्रियों ने पर्यटन को एक उद्योग के रूप में दृष्टिगत रखा है और पर्यटन एक उद्योग के रूप में विश्व में प्रस्तुत किया जा रहा है और विश्व के विभिन्न देश इस पर ध्यान दे रहे हैं। कुछ समय पूर्व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O के महासचिव तालिब रेफाइ ने ईरान के शीराज़ नगर में पर्यटन की आठवीं अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी के उपलक्ष्य में अपने संदेश में कहा" उत्तरी अमेरिका और युरोप के मुख्य बाज़ारों में बहुत सी आर्थिक रुकावटों व सीमितताओं के बावजूद जारी वर्ष के आरंभिक कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों में लगभग ६ प्रतिशत की वृद्धि रही और यह चीज़ अपने स्थान पर पर्यटन के क्षेत्र में प्रयास करने वालों के लिए शुभ समाचार है। उन्होंने इस बयान के साथ कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन में यथावत वृद्धि हो रही है, कहा कि जारी वर्ष की समाप्ति तक एक अरब पर्यटक अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को पार करेंगे और इन यात्राओं से मेज़बान देशों व समाजों को एक ट्रिलियन डालर प्राप्त होगा। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O के महासचिव ने इस संदेश में एक-२ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक को पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण अंग बताया और कहा कि पांच प्रतिशत सकल राष्ट्रीय उत्पाद, १२ व्यक्तियों में से एक के लिए रोज़गार उपलब्ध कराना और इसी प्रकार ३० प्रतिशत निर्यात होने वाली सेवाएं इस उद्योग के अधिकार में हैं।

तालिब रेफाइ ने इस बयान के साथ कि आज अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक न केवल अधिक लक्ष्यों के लिए यात्रा करते हैं बल्कि दूर दूर की यात्रा करते हैं, कहा कि पिछले १० वर्षों के दौरान पर्यटकों के नये नये लक्ष्य सामने आये हैं और विश्व के दरवाज़े सबके लिए खोल दिये गये हैं। वर्ष २००० में नवोदित आर्थिक शक्तियों ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के ३८ प्रतिशत भाग को अपने लिए विशेष कर लिया जबकि वर्ष २०११ में इस मात्रा में ४७ प्रतिशत की वृद्धि हो गयी और वर्तमान समय में ९८२ मिलियन अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों में से लगभग आधे पर्यटक नवोदित आर्थिक देशों की ओर यात्रा कर रहे हैं।

ईरान में पर्यटन उद्योग की क्षमता बहुत अधिक है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन W.T.O की रिपोर्ट के आधार पर प्राकृतिक आकर्षणों में ईरान दसवें स्थान पर है जबकि विश्व में प्राकृतिक आकर्षणों में वह पांचवें स्थान पर है। इसी प्रकार ईरान विश्व में हस्त उद्योग में तीसरे स्थान पर है। मिट्टी के बर्तन, शीशे के काम, कलमज़नी, मुशब्बककारी, धातुओं पर उकेर कर किया जाने वाला काम, मीनाकारी, ख़ातमसाज़ी, मोअर्रक़कारी, मुनब्बतकारी, क़ालीन की बुनाई,नमदे का काम और दूसरी बहुत सारी वस्तुओं का उत्पाद ईरान में होता है जिनका उदाहरण कम ही देशों में मिलता है। साथ ही ईरान ऐसा देश है जहां भाषा, जाति, संस्कृति और प्रयावरण की दृष्टि से विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं। विशाल ईरान के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा करके एक ही समय में वर्ष की चार ऋतुओं का आनंद लिया जा सकता है। इसी दृष्टि से ईरान को पर्यटन के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में गिना जाता है।

पर्यटन केवल स्वच्छ और धुआं रहित उद्योग है जो न केवल पर्यावरण को दूषित नहीं करता बल्कि रोज़गार उपलब्ध कराने और आय का महत्वपूर्ण स्रोत है तथा उसकी गणना स्थाई विकास के मूल स्तंभ के रूप में की जा सकती है। पर्यटन पर अधिक ध्यान देने से जहां काफी आर्थिक मुनाफा, निर्धनता एवं ग़रीबी से मुक़ाबला होता है वहीं खाली समय को अच्छी तरह से भरा जा सकता है और इसी तरह श्रमबल से अधिक लाभ उठाने में भी यह उद्योग प्रभावी है। इस बात को दृष्टि में रखना चाहिये कि पर्यटन एक एसी चीज़ है जो ध्यानयोग्य आर्थिक लाभ के अतिरिक्त एक प्रकार की सामाजिक प्रक्रिया भी है जिसका संस्कृति सहित समाज के दूसरे पहलुओं से सीधा संबंध है। दूसरे समाजों को देखना और विभिन्न लोगों के साथ लेन- देन, एकांत के जीवन से मुक्ति पाने के लिए एक प्रकार की स्वाभाविक आवश्यकता है। दूसरी ओर विश्व के दूसरे देशों की यात्रा से सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। इसी कारणवश ईश्वरीय धर्म इस्लाम ने यात्रा करने और दूसरे राष्ट्रों से परिचित होने को विशेष महत्व दिया है। इस ईश्वरीय धर्म में पर्यटन को दूसरे लोगों से अनुभव व ज्ञान प्राप्त करने और महान ईश्वर की शक्ति व महानता को समझने के साधन के रूप में देखा गया है।

यात्रा, हमें इस बात पर सक्षम बना देती है कि जीवन को नये अनुभवों के साथ समृद्ध बनायें, उससे आनंद लें और दूसरो की संस्कृतियों का सम्मान करना सीखें, दूसरों के साथ मित्रता स्थापित करें और इन सबसे महत्वपूर्ण विश्व में शांति व सुरक्षा की स्थापना में भूमिका निभायें। इस वर्ष के लिए w.t.o की ओर से "पर्यटन, स्थाई ऊर्जा और टिकाऊ विकास" नारे का चयन एक अच्छा अवसर है ताकि पर्यटन उद्योग से संबंधित समस्त लोग विभिन्न समाजों के लोगों के साथ संबंधों पर अधिक ध्यान दें ताकि इस मार्ग से रिसाइकल ऊर्जा से लाभ उठाने हेतु राष्ट्रसंघ के उद्देश्य को व्यवहारिक बनाने की दिशा में प्रयास किया जा सके। ज़मीन की सुरक्षा की दिशा में उठाया जाने वाला हर प्रकार का प्रयास समस्त मनुष्यों और मानवता के हित में है।