Apr २६, २०१६ ०९:४५ Asia/Kolkata
  • करज नगर -२

करज नगर और उसके इर्दगिर्द के क्षेत्र विशेषकर जो करज नदी के किनारे स्थित हैं, लंबे समय से राजधानी तेहरान में रहने वालों के लिए आकर्षक स्थल रहे हैं।

करज के इर्दगिर्द स्थित क्षेत्र, तीन अलग-अलग भागों में विभाजित हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं। अरंगे, कुरदान और बरग़ान।

 

करज का अरंगे क्षेत्र, तेहरान के निकट स्कित हरेभरे और सुन्दर क्षेत्रों में से है। यह क्षेत्र पहाड़ पर स्थित होने और ढलावदार होने के कारण बहुत अधिक मश्हूर नहीं हैं। इनके मश्हूर न होने के कारण यह क्षेत्र अब भी अछूते हैं। यहां पर पाए जाने वाले बाग़ों और नहरों ने क्षेत्र को एक विशेष प्रकार का सौन्दर्य प्रदान कर दिया है।

यह क्षेत्र कुछ सुन्दर गावों से मिलकर बना है जिनमें से अधिकांश उंचाई पर बसे हैं। इन गावों में फलदार बाग़ पाए जाते हैं। यहां पर स्थित गावों में अरंगे अधिक प्राचीन गांव है। अरंगे का रास्ता चालूस राजमार्ग से 16 किलोमीटर की दूरी पर अलंग हो जाता है। यहां पर बहुत ढलान पाई जाती है। अरंगे गांव में पाए जाने वाले बाग़, एक गहरी खाई में स्थित हैं जो बहुत ही सुन्दर दिखाई देते हैं। अरंगे गांव स्की रिसोर्ट के मार्ग पर स्थित है। इस मार्ग पर सलसाल क़िला भी मौजूद है।

करज नदी के दोनों किनारे, वर्षों से तेहरान में रहने वालों के लिए बहुत ही रोचक स्थल रहे हैं। इस मार्ग पर नदी के किनारे बहुत से पारंपरिक रेस्टोरेंट पाए जाते हैं।

 

 

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तेहरान की जलापूर्ति के लिए प्रमुख बांध करज में स्थित है जिसे “सद्दे करज” कहते हैं। करज बांध से थोड़ी दूरी पर कुछ गांव बसे हैं जो बहुत ही सुन्दर और हरे-भरे हैं। चालूस राजमार्ग पर एक गांव स्थित है जिसका नाम शहरिस्तानक है। प्रकृति की दृष्टि से यह बहुत ही सुन्दर गांव है। यह गावं तूचाल नामकी चोटी से थोड़े से फासले पर स्थित है। जो लोग तूचाल की चोटी पर पर्वतारोहण के लिए जाते हैं वे तूचाल से तीन घंटे की पदयात्रा करके इस सुन्दर गांव तक पहुंच सकते हैं। शहरिस्तानक गांव में “नासेरुद्दीन शाह” का एक महल है जिसका नाम तख़्ते शरक़ी है। इस एतिहासिक इमारत से कुछ ही दूरी पर “गुलगीले” नामका एक सोता मौजूद है। यह सोता इस क्षेत्र का सर्वाधिक प्रवाहित और अधिक जल वाला सोता है। जल का यह सोता तूचाल की चोटी से निकला है। इसका पानी बहुत ही स्वच्छ और शीतल है। यह सोता करज नदी में गिरता है। इसे ईरान के प्राकृतिक स्थलों में से एक सर्वाधिक सुन्दर स्थल माना जाता है। शहरिस्तानक गांव की आय का मुख्य स्रोत कृषि और दुग्ध उत्पाद हैं। यहां का शहद बहुत मश्हूर है।

 

 

चालूस राजमार्ग पर एक अन्य क्षेत्र स्थित है जिसका नाम “नेसा गचसर” है। यहां से पांच किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम में एक मश्हूर गुफ़ा है जो “यख़े मोराद” के नाम से जानी जाती है। इस गुफा को देखने के लिए पर्वतारोहण से संबन्धित उपकरणों की आवश्यकता नहीं है। गाड़ी से गुफा के दरवाज़े तक जाया जा सकता है। हां यह बताना आवश्यक है कि इस गुफ़ा का तापमान सदैव ही शून्य डिग्री से कम होता है इसलिए वहां पर गर्म कपड़े पहनकर जाना ज़रूरी होता है।

 

“यख़े मोराद” वास्तव में प्राकृति का आश्चर्यचकित करने वाला एक उदाहरण है। इस गुफा के भीतर की कुछ दीवारों पर सदैव ही बर्फ जमी रहती है चाहे कितनी ही गर्मी पड़ रही हो। इसकी छत पर भी कहीं-कहीं जमी हुई बर्फ की कंदीलें दिखाई देती हैं। बसंत के मौसम में इस गुफा के बाहरी क्षेत्र में नाना प्रकार की वनस्पतियां उगती हैं। इन्हें देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं। चालूस राजमार्ग से ही एक रास्ता “दीज़ीन स्की रिसोर्ट” की ओर जाता है। “दीज़ीन स्की रिसोर्ट” की गणना विश्व के अति सुन्दर स्की रिसोर्ट में होती है। यही कारण है कि बहुत बड़ी संख्या में लोग यहां मनोरंजन के लिए दूर-दूर से आते हैं।

 

 

करज-चालूस राजमार्ग से 23 किलोमीटर की दूरी पर अमीर-कबीर झील स्थित है। तेहरान से निकट स्थित होने के कारण इसे विशेष महत्व प्राप्त है। यहां पर पूरे ईरान से पर्यटक आते हैं। इस झील का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर है और इसकी क्षमता 200 मिलयन क्यूबिक घनमीटर है। यह झील, करज नदी के किनारे स्थित है। गर्मी के मौसम में यहां का वातावरण बहुत ही मनमोहक होता है और बहुत से लोग अपने अवकाश का समय गुज़ारने के लिए यहां आते हैं। इस झील के किनारे बहुत ही सुन्दर और आकर्षक दृष्य पाए जाते हैं। यहां पर आने वाले लोग नाव चलाने, मछली पकड़ने, तैरने, और पानी पर स्की करने जैसे विभिन्न कार्य करके अपना मनोरंजन करते हैं।

 

करज राजमार्ग के किनारे स्थित प्राकृतिक आकर्षों में से एक, चालूस घाटी है। इसकी गणना ईरान की सुन्दरतम घाटियों में होती है। बहूत से लोगों का मानना है कि इस प्रकार की घाटी विश्व के अन्य क्षेत्रों में बहुत की कम पाई जाती हैं। यहां पर बहने वाली नदी ने यहां की सुन्दरता में चार चांद लगा दिये हैं।

 

चालूस नदी, जो कंदवान पहाड़ की चोटी से निकली है, कंदवान सुरंग पर आकर दो भागों में बंट जाती है। इसका एक भाग, माज़दरान सागर की ओर जाता है और दूसरा भाग अमीर-कबीर बांध में जाकर मिलता है। चालूस नदी के इर्दगिर्द का हिस्सा पहाड़ी है। मार्ग में पड़ने वाली पथरीली सड़क के बावजूद यह उन लोगों के लिए बहुत ही उपयुक्त स्थल है जो प्राकृतिक दृश्यों को निकट से देखने के इच्छुक हैं। इस मार्ग पर बहुत से रेस्टोरेंट और होटल पाए जाते हैं। चालूस घाटी अपनी सुन्दरता के कारण लोगों में बहुत ही लोकप्रिय है। यहां पर जाड़ों में चारों ओर बर्फ ही बर्फ दिखाई देती है।

 

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करज नगर में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, कारख़ाने और शिक्षण संस्थाएं मौजूद हैं। करज नगर में पाई जाने वाली संस्थाओं में से एक, Vaccine and Serum Institute है। करज में बना यह शोध इंस्टीट्यूट, मध्यपूर्व में अपने प्रकार का एकमात्र केन्द्र है। यहां पर प्रतिवर्ष साढ़े तीन अरब से अधिक विभिन्न् प्रकार के टीके और सिरिंज बनाए जाते हैं।

 

करज के राज़ी Vaccine and Serum Institute में शोध कार्य होता है। पिछले 90 वर्षों से इसकी गतिविधियां जारी हैं। यह संस्था ईरान का सबसे पुराना और विश्वसनीय शोध केन्द्र है। सन 1924 में इस केन्द्र ने तत्कालीन कृषि मंत्रालय की देखरेख में अपना काम आरंभ किया था। उस समय महामारी की रोकथाम के उद्देश्य से यहां पर टीके बनाने के लिए शोध किया गया था। इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद राज़ी Vaccine and Serum Institute की गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति हुई। यहां पर विभिन्न प्रकार की बीमारियों के लिए टीके बनाने के लिए शोध किया गया जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। हालिया वर्षों में इस संस्था में मनुष्यों के साथ ही पशु-पक्षियों की बीमारियों के उपचार के लिए कुछ टीकों पर काम किया गया। ईरान के परिश्रमी विशेषज्ञों के प्रयासों से फलस्वरूप राज़ी Vaccine and Serum Institute ने विश्व ख़्याति अर्जित की।

 

राज़ी इंस्टीट्यूट ने मानव और पशुओं से संबन्धित कुछ बीमारियों के टीके बनाने में सफलता अर्जित की है जैसे इन्फ़्लोएंज़ा, काली खासी और इसी प्रकार की अन्य कई बीमारियां। इस प्रकार से इस संस्थान ने बायोटेकनोलाजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण क़दम उठाए हैं। बयोटेक्नोलाजी को आधुनिक युग की 5 महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक माना जाता है।

 

 

 

उल्लेखनीय है कि राज़ी Vaccine and Serum Institute के संपर्क, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व खाद्य संगठनों जैसे अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों से भी हैं। पैरिस में स्थित महामारी की रोकथाम नामक कार्यालय ने राज़ी Vaccine and Serum Institute को बहुत सी फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम करने वाली संस्था घोषित किया है।

 

वर्तमान समय में करज में स्थित राज़ी Vaccine and Serum Institute के पुस्तकालय में बहुत सी एसी पुस्तकें और पत्रिकाएं है जो शोध कार्य के समय शोधकर्ताओं के लिए अति आवश्यक हैं। इनको पुस्तकाल में सुरक्षित रखा गया है ताकि इस माध्यम से आने वाले शोधकर्ताओं की सहायता की जा सके।