इमाम जवाद अलैहिस्सलाम
May ०२, २०१६ ०९:०० Asia/Kolkata
मोमिन के लिए मौत वही स्नानगृह है और पापों को धुलने का अंतिम स्थान है।
मोमिन के लिए मौत वही स्नानगृह है और पापों को धुलने का अंतिम स्थान है।
इस आधार पर जब तुम्हें मौत आ गयी तो तुम इस चरण से गुज़र गये वास्तव में समस्त दुःखों से मुक्ति पा गये और
प्रसन्नता प्राप्त कर लिये”
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