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ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-2
Feb १०, २०१६ १०:४६हमने बताया था कि एक रात हारून रशीद ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमक्की और मसरूर के साथ भेस बदलकर शहर में निकलने का इरादा किया ताकि लोगों के हालात से अवगत हो सके। जब वे दजला नदी पर पहुंचे तो उन्होंने एक नाविक से कहा कि उन्हें दजला की सैर कराए।